Thursday, 31 December 2015
Tuesday, 29 December 2015
अमीरी खतरे में
आज नेता सिर्फ बोलता है कि मैं गरीबो के लिये लड़ूगा लेकिन ये लोग गरीबी का सहारा लेकर अपनी अमीरी के लिये लड़ रहे है । क्योकि आज इनकी अमीरी इनको खतरे में नजर आ रही है ।
Sunday, 20 December 2015
Saturday, 19 December 2015
असहिष्णुता पर वायलेंट और निर्भया पर साईलेंट क्यों ?
देश में बढ़ती असहिष्णुता के विरोध में देश छोड़ने की बात कहने वाले आमिर खान और किरण राव आज निर्भया के रेपिस्ट और हत्यारे को छोड़ने के जुवेनाईनल कोर्ट के फैसले पर और उसे १० हजार रूपए और सिलाई मशीन देने के आम आदमी के फैसले पर खामोश क्यों है.....क्योंकि वो हत्यारा मुसलमान है , सत्यमेव जयते के प्रत्येक एपिसोड के लिए ३ करोड़ रूपए लेने वाले आमिर खान के आँसू और आवाज क्या केवल पैसे लेकर सिर्फ कैमरे के सामने ही निकलते हैं...अपने शो मे महिलाओं और लड़कियों की इज्जत की बात करने वाले का आँसू भी केवल ड्रामा ही था जो कि उसके पब्लिक स्टंट का हिस्सा था....आज क्या निर्भया किसी की बेटी , किसी की बहन नही ? आज खामोश क्यों ?
फिल्म का बहिष्कार करें। याद रखो...अभी नही तो कभी नहीं !!
शाहरूख खान को आज यदि अपनी औकात समझ में नहीं आई तो अपने मित्र , रिश्तेदार , भाई बहनों ,परिचितों और जानने वालों से दोनो हाथ जोड़कर इसकी फिल्म का बहिष्कार करने को कहें और सोचें कि देशद्रोही की फिल्म देखकर आपके बच्चों में कैसा चरित्र निर्माण होगा....इसलिए मेरे भाईयों आपके पास जितने माध्यम हों उन सभी माध्यमों का उपयोग कर इसकी फिल्म न देखने का अनुरोध आम जनमानस से करें , याद रखो...अभी नही तो कभी नहीं !!
#दिलवाले_का_दीवाला_निकाल_द ो
#दिलवाले_का_दीवाला_निकाल_द
Wednesday, 16 December 2015
Tuesday, 15 December 2015
कर भला हो भला
3kg आटा 60 रु, 1kg आलू 20 रु, 1kg मटर 40 रु
मिर्च मसाले तेल 10रु, गैस खर्च 10 रु
कुल 140 रु की टिकट की कीमत पर
10 गरीब बच्चों का भोजन बस इतना ही करना है।
: घर में प्रेम से बनाओ और इन्हें प्रेम से खिलाओ
शाहरुख़ की फ़िल्म से ज्यादा आनंद मिलेगा और उनकी शुभकामनायें प्रार्थनायें फ्री में....हर हर महादेव
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हम अक्सर यूँ ही केहते रहते है, गरीबी है ये है वो है
अरे समाज कोशिश करे तो ये गरीबी बस 24 घंटो की ही मेहमान है, अरबपति को नहीं गरीब को जरुरत है
और करके देखो ज्यादा अच्छा लगेगा जब वो भूखा व्यक्ति खाना खाकर आपको स्माइल देगा
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हज़ारो फालतू चीजो को शेयर से कही अच्छा है ये आईडिया शेयर करना
कम से कम किसी का तो भला हो
Friday, 11 December 2015
क्या ये बदले की भावना नही थी ? राहुल गाँधी कहाँ थे ?
सोनिया जी , आप की सरकार ने मुझ पर जो एक ही दिन में 150 से ज्यादा केस किये थे वो किस भावना के तहत किये थे : बाबा रामदेव
#हेराल्ड_केस
अदालत का गुस्सा संसद पर उतारने से कांग्रेस को क्या फायदा होगा? बल्कि नुकसान होगा। सारे देश में फिजूल बदनामी होगी। बोफोर्स के दाग अभी तक धुले नहीं हैं। अब देश के बच्चे-बच्चे को ‘नेशनल हेरल्ड’ के ‘घपले’ का पता चल जाएगा। यदि कांग्रेस यह धींगामस्ती नहीं करती और मां-बेटा गरिमामय ढंग से अपना मुकदमा लड़ते तो शायद वे जीत जाते। यह बात और भी बेतुकी है कि सुब्रमण्यम स्वामी मोदी सरकार के इशारे पर मां-बेटे को फंसा रहे हैं। डाॅ. स्वामी अपनी मर्जी के मालिक खुद हैं।
राष्ट्र वादियों को सोचने की जरूरत है
आज देश के नागरिको और मतदाताओ को सोचना होगा और समझना होगा कि देशविरोधी कौन है ? और राष्ट्रवादी कौन है ? इनमें अन्तर समझना होगा और परिणाम देना होगा जो कि लोकसभा और विधान सभा में दिखाई देना चाहिये । अगर इसदेश का नागरिक ये कर्तव्य निभाता है तो देशहित में होगा अन्यथा क्या होगा वो आप सभी देख्र रहे । देश का विकास ठप्प, संसद ठप्प, जी.एस.टी ठप्प, सब कुछ ठप्प, भ्रष्टाचार शुरु जैसे नेशनल हेराल्ड जैसा भ्रष्टाचार
ऐसे भारतीय नेताओं एवं मीडिया के होते क्या भारत सुरक्षित रह सकता है? राष्ट्र वादियों को सोचने की जरूरत है!!!
--सरदार वल्लभभाई पटेल फाउंडेशन
Thursday, 10 December 2015
जागो भारत जागो
ताजा समाचार---सुब्रमन्यम स्वामी की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया है..सुब्रमन्यम स्वामी ने कहा था कि भारत के मीडिया चैनल, अखबारों के मालिक भारतीय ही होने चाहिए!!ज्ञात हो कि भारत के अधिकतर समाचार चैनलों, अखबारों के मालिक साउदी अरब, इटली, अमेरिका, ब्रिटेन, व दुबई में रहते है !!जिसकी वजह से मीडिया को सिर्फ इशारों पर नचाया जाता है !!यदि इस पर सुप्रीम कोर्ट सही फैसला दे देता है तो...ABP, AAJTAK, NDTV ये सब बंद हो जाएँगे!!जब से ये बात सुनी है मीडिया में हडकंपमच गया है... वो बैचेन है, पर अफ़सोस इस बात की है इसे ब्रेकिंग न्यूज़ में नहीं दिखा सकते !!वन्दे मातरम् !!जय हो
इसे जन जन तक पहुंचा कर भारत के प्रति अपनी राष्ट्र भक्ति दर्ज करे।
कांग्रेस को हुआ क्या है ? क्या कांग्रेस परिपक्वता का परिचय देगी ?
कांग्रेस को हुआ क्या है?
डॉ. वेदप्रताप वैदिक
मेरी समझ में नहीं आया कि कांग्रेस पार्टी को हुआ क्या है? दुनिया की सबसे बड़ी और देश की सबसे पुरानी पार्टी ने बुद्धि से काम लेना क्यों बंद कर दिया है? यदि सोनिया गांधी और उनके स्वनामधन्य सुपुत्र ने ‘नेशनल हेरल्ड’ की लगभग 2000 करोड़ रु. की संपत्ति अपने नाम करवा ली है तो उस सारे मामले से अदालतों को निपटने दें। वह बड़ा लेन-देन तो मां-बेटे ने वकीलों से पूछताछ करके ही किया होगा। चिदंबरम और कपिल सिब्बल जैसे नामी वकील मां-बेटे की सेवा-टहल में पहले से ही हैं। यह ठीक है कि मां और बेटा, दोनों ही खास पढ़े-लिखे नहीं हैं लेकिन उनमें इतनी बुद्धि तो है कि इतना बड़ा लेन-देन करते समय वे कानून की गिरफ्त में न आ जाएं। पता नहीं, अदालत से वे इतना क्यों डर गए हैं? अदालत ने उनके खिलाफ अभी तक कोई फैसला नहीं दिया है। सिर्फ यही कहा है कि आरोपियों का आचरण अपराधियों-जैसा मालूम पड़ता है, जिन्होंने एक ट्रस्ट की संपत्ति अपने नाम करवा ली। आरोपी अदालत में पेश हो, यह कहकर जजों ने क्या गुनाह कर दिया है? इंदिरा गांधी और नरसिंहरावजी जैसे कद्दावर लोग भी अदालत में पेश होते रहे हैं। सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक बात तो यह हुई कि अदालत में पेशी के सवाल पर संसद के दोनों सदन ठप्प कर दिए गए! भला, संसद ने मां-बेटे का क्या बिगाड़ा है? वहां तो उन्हें रोज़ बैठना चाहिए था। इस बात की उन्हें तनखा मिलती है लेकिन न तो वे खुद वहां नियमित जाते हैं और न अब वे दूसरों को जाने देते हैं।
अदालत का गुस्सा संसद पर उतारने से कांग्रेस को क्या फायदा होगा? बल्कि नुकसान होगा। सारे देश में फिजूल बदनामी होगी। बोफोर्स के दाग अभी तक धुले नहीं हैं। अब देश के बच्चे-बच्चे को ‘नेशनल हेरल्ड’ के ‘घपले’ का पता चल जाएगा। यदि कांग्रेस यह धींगामस्ती नहीं करती और मां-बेटा गरिमामय ढंग से अपना मुकदमा लड़ते तो शायद वे जीत जाते। यह बात और भी बेतुकी है कि सुब्रमण्यम स्वामी मोदी सरकार के इशारे पर मां-बेटे को फंसा रहे हैं। डाॅ. स्वामी अपनी मर्जी के मालिक खुद हैं। अगर उनका बस चले तो वे मोदी को भी किसी न किसी मुकदमे में फंसा दें। इस मुकदमे के आधार पर यह कहना कि यह भारत को कांग्रेस-मुक्त बनाने के लिए किया जा रहा है, बिल्कुल गलत हैं। सोनिया, राहुल और उनके 6-7 साथियों को जेल हो गई तो क्या कांग्रेस-जैसी महान पार्टी खत्म हो जाएगी? यदि हां, तो ऐसी निकम्मी पार्टी को जल्दी से जल्दी खत्म क्यों नहीं हो जाना चाहिए? कांग्रेस की जैसी दुर्दशा आज है, इतिहास में पहले कभी नहीं हुई। इस पार्टी को बचाना बहुत जरुरी है। भारतीय लोकतंत्र के लिए जरुरी है। इसलिए उम्मीद की जाती है कि कांग्रेस परिपक्वता का परिचय देगी। अगर वह भी नौटंकियों में उलझ गई तो इस भारत का क्या होगा?
9 दिसंबर 2015
9 दिसंबर 2015
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Ved Pratap Vaidik
Ved Pratap Vaidik
Wednesday, 9 December 2015
दुनिया की सबसे बड़ी अदालत इतिहास की है - सर अजित डोवाल
" इस दुनिया में सबसे बड़ी अदालत इतिहास की है, कोर्ट में क्या हुआ, हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ, युद्ध में क्या हुआ, इलेक्शन में क्या हुआ इन सबका कोई मूल्य नहीं है, मूल्य है तो सिर्फ इस बात का कि इतिहास में क्या लिखा जाएगा???
और, यदि आप इतिहास उठा कर देखें तो आपको पता चलेगा कि इतिहास ने कभी उसका साथ नहीं दिया जो न्याय संगत था, इतिहास ने कभी उसका साथ नहीं दिया जो शांतिप्रिय था, अपितु इतिहास की अदालत में सदैव वही विजयी हुआ है जो शक्तिशाली था।
यदि इतिहास न्यायसंगत लोगों का साथ देता तो आज दिल्ली में बाबर रोड है, परन्तु राणा सांगा रोड क्यों नहीं है ??, क्योंकि बाबर आया और उसने राणा सांगा को हरा दिया, भले ही राणा सांगा सही थे, न्यायसंगत थे परन्तु आज इतिहास ने उन्हें भुला दिया है।
हमारे हजारों वर्ष के इतिहास में हम हिन्दुओं ने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया, किसी अन्य धर्म को आहत नहीं किया, कभी भी हमने अन्य धर्म के धार्मिक स्थलों को नहीं तोड़ा, परन्तु इतिहास में जिस भारतवर्ष की सीमाएं अफगानिस्तान / ईरान तक थी आज सिकुड़कर केवल वर्तमान इण्डिया तक रह गयी हैं ,क्यों आखिर ऐसा क्यों हुआ ?? क्या जरूरत से ज्यादा अहिंसा , सहनशीलता और मानवता दिखाने का क्या यह परिणाम नहीं था ??
हम न्यायसंगत थे, हम शांतिप्रिय थे, हम मानवता में विश्वास करते थे, परन्तु इतिहास ने हमें सजा दी, सजा इस बात की कि हमने अपनी शक्तियों का प्रयोग नहीं किया। यदि विदेशी आक्रांताओं की शक्ति और उस समय भारतवर्ष की शक्ति का अनुपात निकाला जाए तो 1: 1000 का अनुपात भी नहीं था, फिर भी हम पर विदेशियों ने शासन किया क्योंकि हिन्दू शक्ति बंटी हुई थी एकजुट नहीं थी ,और न सिर्फ उन मुस्लिम और अंग्रेज लुटेरों ने शासन किया वरन् जब उनका मन भर गया और वे जाने लगे तो यहां की सत्ता अपने गुलामों को सौंप गए, और तब भारत में गुलाम वंश का उदय हुआ।
इतिहास ने हमें सिर्फ इस बात की सजा दी कि हमने राष्ट्रहित से आगे अपने आदर्शों को रखा, यदि कभी भी आपके आदर्शों और राष्ट्रहित के बीच में टकराव की स्तिथि पैदा हो तो हमेशा आदर्शों से पहले राष्ट्रहित को ही चुनें अर्थात राष्ट्रहित में यदि कोई अनैतिक कार्य भी करना पड़े तो करें, महाभारत में भगवान श्री कृष्ण भी भ्रमित अर्जुन को बार-२ यही समझा रहे होते हैं की दुष्ट को पापी को अधर्मी को अगर अधर्मपूर्वक भी मारना पड़े तो वह भी धर्म ही होगा ना की अधर्म ''
- अजित डोवाल
दिल्ली में प्रदूषण और स्टेटस
दिल्ली में प्रदूषण अपने चर्म पर है । एक्शन लेने की नहीं, एक्शन में आने की जरुरत है । दिल्ली वाले कार पूल करे, साईकिल यूज करें, कृपया इन मुददो के बारे में सोच और दिल्ली को गैस चैम्बर न बनाये इसके साथ ही इसे अपने स्टेटस से न जोड़े जो भी नियम हो उनका पालन करे । राजनीति से ऊपर उठ कर काम करने की जरुरत है । जैसे MLA की तनुखा बड़ाने में दिलचस्पी दिखाई वैसे ही राजनैतिक इच्छा शक्ति के साथ इस काम को भी करना चाहिये । जनता से सुझाव माँगे जाये ये सब बता देगे वो भी ठोस उपाय ।
Monday, 7 December 2015
देश में भ्रम और असहिष्णुता का माहोल कैसे बनाया जाता है ?
चेन्नई से
"रुबीना खान" का RSS के बारे मे लिखा गया लेख :-
मैने देखा कुछ खाकी चड्डीधारी लोग चेन्नई शहर के बाढ पीडित इलाको मे घुम रहे है, और ये देख कर मै बहुत घबरा गई मुझे यह समझ नही आ रहा था कि इस वक्त मुझे ज्यादा खतरा किससे है ??
शहर मे आई इस भीषण बाढ से या इन
RSS वालो से जिनकी तुलना ISIS के आतंकवादीओ से कि जाती रही है
मैने खाकी चड्डी वाले इन आतंकीयो को पहले कभी देखा नही था मगर मिडिया मे इन गुंडो के बारे बहुत कुछ सुना ओर पढा था, कांग्रेस कहती है कि
ये लोग
ISIS की तरह के आतंकी है व लोगो को मारते है, वो बोम्ब ब्लास्ट कराते रहते है और इनके कारण आजकल
"असहिष्णुता" बढ गई है,
मैने घबरा कर अपनी आँखे बन्द कि और सोचने लगी इन लोगो के हाथो मारे जाने से अच्छा है कि, मै बाढ मे डूब के मर जाऊँ, मैने मौत का आसान रास्ता चुना और छत से बाढ के पानी मे कुद गई,
जिस क्षण मैने अपने आप को पानी के हवाले किया, उन आतंकीयो की नजर मुझ पर पडी और वो सब के सब मेरी ओर दौड पडे, उन्होंने मुझे किसी तरह से पानी से बाहर निकाल लिया तथा मुझे और मेरे साथ कुछ ओर लोगो को ऐसे ईलाके मे ले गए जो बाढ प्रभावित नही था पर खाकी चड्डी धारियों से भरा पडा था,
मगर अचानक जो हुआ उसने मुझे सोचने पर मजबुर कर दिया, उन्होने हमे खाना दिया और सुरक्षित शरण का एहसास कराया, वो जरुरतमन्दो को दवाईयाँ भी दे रहे थे,
इन सब के बीच मै सोच रही थी क्या आतंकी ऐसे होते है ??
या फिर कांग्रेस एवम शाहरुख खान और आमिर खान जैसे लोग इनकी और देश कि छवि बिगाडने पर तुले हैं,
क्या ये लोग असहिष्णु है ??
जिन्होने मेरा धरम पुछे बिना मेरी जान बचाई, मेरी इतनी मदद की,
तब मैने ये तलाश शुरु की के जब मै इन लोगो से डरी घबराई बाढ से लड रही थी तब आमिर खान जी मेरे लिए क्या कर रहे थे ??
और मुझे पता चला कि वो इस वक्त विदेश मे कहीं छुट्टियाँ बिताने गए हैं, फिर मैने फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस से करोडो की कमाई करने वाले किंग खान शाहरुख जी कि तलाश की और पाया की वो लंदन मे अपनी आगामी फिल्म के प्रमोशन मे व्यस्त हैं, मुझे ओर ज्यादा अचम्भा तब हुआ जब मुझे पता चला कि आज लोकसभा मे कांग्रेस ने चेन्नई मे मर रहे लोगो के बारे मे बहस कि बजाय असहिष्णुता पर बहस का पक्ष लिया ।
वही दूसरी ओर ये
RSS के कथित गुंडे बाढ से लोगो कि जान बचा रहे है और कथित असहिष्णु लोग अपना काम काज छोडकर सडको पर एवं सोशल मिडिया पर हम लोगो के लिए सहायता व हेल्पलाइन नम्बर पोस्ट कर रहे हैं, भारतीय सेना यहाँ जी जान से राहत कामो मे जुटी है ।
मै अचरज मे हुँ कि वास्तव मे आतंकी किसे कहा जाना चाहीए ??
कौन लोग
"असहिष्णु"
हैं व कौन लोग देश को तोडने का काम कर रहे हैं ??
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