Monday, 7 December 2015

देश में भ्रम और असहिष्णुता का माहोल कैसे बनाया जाता है ?

चेन्नई से "रुबीना खान" का RSS के बारे मे लिखा गया लेख :-
मैने देखा कुछ खाकी चड्डीधारी लोग चेन्नई शहर के बाढ पीडित इलाको मे घुम रहे है, और ये देख कर मै बहुत घबरा गई मुझे यह समझ नही रहा था कि इस वक्त मुझे ज्यादा खतरा किससे है ?? शहर मे आई इस भीषण बाढ से या इन RSS वालो से जिनकी तुलना ISIS के आतंकवादीओ से कि जाती रही है
मैने खाकी चड्डी वाले इन आतंकीयो को पहले कभी देखा नही था मगर मिडिया मे इन गुंडो के बारे बहुत कुछ सुना ओर पढा था, कांग्रेस कहती है कि
ये लोग ISIS की तरह के आतंकी है लोगो को मारते है, वो बोम्ब ब्लास्ट कराते रहते है और इनके कारण आजकल "असहिष्णुता" बढ गई है,
मैने घबरा कर अपनी आँखे बन्द कि और सोचने लगी इन लोगो के हाथो मारे जाने से अच्छा है कि, मै बाढ मे डूब के मर जाऊँ, मैने मौत का आसान रास्ता चुना और छत से बाढ के पानी मे कुद गई,
जिस क्षण मैने अपने आप को पानी के हवाले किया, उन आतंकीयो की नजर मुझ पर पडी और वो सब के सब मेरी ओर दौड पडे, उन्होंने मुझे किसी तरह से पानी से बाहर निकाल लिया तथा मुझे और मेरे साथ कुछ ओर लोगो को ऐसे ईलाके मे ले गए जो बाढ प्रभावित नही था पर खाकी चड्डी धारियों से भरा पडा था,
मगर अचानक जो हुआ उसने मुझे सोचने पर मजबुर कर दिया, उन्होने हमे खाना दिया और सुरक्षित शरण का एहसास कराया, वो जरुरतमन्दो को दवाईयाँ भी दे रहे थे,
इन सब के बीच मै सोच रही थी क्या आतंकी ऐसे होते है ?? या फिर कांग्रेस एवम शाहरुख खान और आमिर खान जैसे लोग इनकी और देश कि छवि बिगाडने पर तुले हैं,
क्या ये लोग असहिष्णु है ?? जिन्होने मेरा धरम पुछे बिना मेरी जान बचाई, मेरी इतनी मदद की,
तब मैने ये तलाश शुरु की के जब मै इन लोगो से डरी घबराई बाढ से लड रही थी तब आमिर खान जी मेरे लिए क्या कर रहे थे ?? और मुझे पता चला कि वो इस वक्त विदेश मे कहीं छुट्टियाँ बिताने गए हैं, फिर मैने फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस से करोडो की कमाई करने वाले किंग खान शाहरुख जी कि तलाश की और पाया की वो लंदन मे अपनी आगामी फिल्म के प्रमोशन मे व्यस्त हैं, मुझे ओर ज्यादा अचम्भा तब हुआ जब मुझे पता चला कि आज लोकसभा मे कांग्रेस ने चेन्नई मे मर रहे लोगो के बारे मे बहस कि बजाय असहिष्णुता पर बहस का पक्ष लिया
वही दूसरी ओर ये RSS के कथित गुंडे बाढ से लोगो कि जान बचा रहे है और कथित असहिष्णु लोग अपना काम काज छोडकर सडको पर एवं सोशल मिडिया पर हम लोगो के लिए सहायता हेल्पलाइन नम्बर पोस्ट कर रहे हैं, भारतीय सेना यहाँ जी जान से राहत कामो मे जुटी है
मै अचरज मे हुँ कि वास्तव मे आतंकी किसे कहा जाना चाहीए ?? कौन लोग "असहिष्णु" हैं कौन लोग देश को तोडने का काम कर रहे हैं ??

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