Saturday, 31 October 2015

घटिया समान

आज हमारे देश भारत को चीन चारो तरफ से घेरना चाहता है । इसके बावजूद चीन का समान हमारे यहाँ आयत क्यो किया जाता है ? जबकि चीन का समान सबसे घटिया होता है । सरकार चीनी समान पर क्यो नहीं रोक लगाती ? सरकार को जल्द से जल्द रोक लगानी चाहिए । क्योकि हमारी सरकार ने “मेक इन इन्डिया” को सुनिश्चित किया है इस पर ऐसे हालातो में गलत असर पड़ेगा । सरकार चीनी समान पर रोक लगा के चीन को उसीकी भाषा में जबाव देने में कामयाब होगी । अगर सरकार इस दिशा में कुछ काम कर रही है तो खुशी की बात होगी ।

सरदार वल्लभ भाई पटेल को कोटि-कोटि नमन

आज सरदार वल्लभ भाई पटेल की १४० वी जन्म जयंती के शुभ अवसर पर कोटि-कोटि नमन । सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे । जिनके ह्रदय में भारत बसता था। स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी एवं स्वतन्त्र भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार एक शान्त ज्वालामुखी थे। वे नवीन भारत के निर्माता थे। उन्हे भारत का “लौह पुरुष” भी कहा जाता है। भारत के देशभक्तों में एक अमूल्य रत्न सरदार पटेल को भारत सरकार ने सन १९९१ में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया आज सरदार वल्लभ भाई पटेल हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा। देशी रीयासतों को भारत में मिलाने का साहसिक कार्य सरदार पटेल के प्रयासों से ही संभव हो सका। जब १५ अगस्त १९४७ को भारत परतन्त्रता की बेड़ियों से आजाद हुआ तो उस समय लगभग ५६२ देशी रियासतें थीं, जिन पर ब्रिटिश सरकार की हुकूमत नहीं थी । उनमें से जूनागढ़, हैदराबाद और कश्मीर को छोडक़र अधिकतर रियासतों ने स्वेज्छा से भारत में अपने विलय की स्वीकृति दे दी। जूनागढ़ का नवाब जूनागढ़ का विलय पाकिस्तान में चाहता था। नवाब के इस निर्णय के कारण जूनागढ़ में जन विद्रोह हो गया जिसके परिणाम स्वरूप नवाब को पाकिस्तान भाग जाना पड़ा और जूनागढ़ पर भारत का अधिकार हो गया। हैदराबाद का निजाम हैदराबाद स्टेट को एक स्वतन्त्र देश का रूप देना चाहता था इसलिए उसने भारत में हैदराबाद के विलय कि स्वीकृति नहीं दी। यद्यपि भारत को 15 अगस्त 1947 के दिन स्वतन्त्रता मिल चुकी थी किन्तु 18 सितम्बर 1948 तक, हैदराबाद भारत से अलग ही रहा। इस पर तत्कालीन गृह मन्त्री सरदार पटेल ने हैदराबाद के नवाब की हेकड़ी दूर करने के लिए 13 सितम्बर 1948 को सैन्य कार्यवाही आरम्भ की जिसका नाम ‘ऑपरेशन पोलो’ रखा गया था। भारत की सेना के समक्ष निजाम की सेना टिक नहीं सकी और उन्होंने 18 सितम्बर 1948 को समर्पण कर दिया। हैदराबाद के निजाम को विवश होकर भारतीय संघ में शामिल होना पड़ा। नि:संदेह सरदार पटेल द्वारा यह 562 रियासतों का एकीकरण विश्व इतिहास का एक आश्चर्य था क्योंकि भारत की यह रक्तहीन क्रांति थी। गाँधी जी ने सरदार पटेल को इन रियासतों के बारे में लिखा था, “रियासतों की समस्या इतनी जटिल थी जिसे केवल तुम ही हल कर सकते थे।” ये कहना अतिश्योक्ती न होगी कि यदि काश्मीर का निर्णय नेहरू जी के बजाय पटेल के हाथ मे होता तो आज भारत में काश्मीर समस्या जैसी कोई समस्या नहीं होती। जब तक सूरज चाँद रहेगा “सरदार वल्लभ भाई पटेल” तेरा नाम रहेगा । जय भारत 

भारत के सपूत को हमारा कोटि-कोटि नमन ।

किसान की वर्तमान हालात का जिम्मेवार कौन ?

किसान भारत देश का अन्नदाता है । लेकिन अन्नदाता के ही आर्थिक हालात इतने खराब है कि किसान आत्म हत्या की सोचता है या करता है । किसान इतना मजबूर क्यों ? क्योकि कभी सूखा, तो कभी बाढ़ और कभी पाला ये प्राकृतिक आपदाये से जूझता किसान और अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो उसको जूझना पड़ता है अपने व्यपारियो, मुनीमों और कमीशन खोरो से । किसान के अनाज और सब्जिया, ये लोग ओने-पोने भाव में खरीद कर और खुदरा बाजार में आठ से दस गुना बड़ा कर बेचते है । एक सब्जी वाला सब्जी मंडी से ३ या ५ रुपये किलो लोकी खरीदता है और खुदरा बजार में उसी लोकी को ४० से ५० रुपये किलो में बेचता है । अब आप खुद सोचो कि किसान से मुनीम या व्यपारी किस रेट मे खरीदता होगा । किसान को क्या मिला ? इसी तरह आलू के चिप्स बनाने वाली विदेशी कम्पनिया किसानो से आलू ३ से ५ रुपये किलो लेती और चिप्स बनाकर उसी आलू को लगभग ५०० से ७०० किलो के हिसाब से बेचती है । इस देश की कितनी बड़ी विडम्बना है कि विदेशी कम्पनी यहाँ आकर चिप्स, आचार, आटा, दाल और नमकीन जैसी छोटी- छोटी चीजे बनाकर देश को लूटा जा रहा है क्या ये खाने पीने की चीजे हमारे किसान नही बना सकते ? ये आजादी से लेकर अब तक किसान का शोषण हुआ है । आज का किसान कृषि की आधुनिक मशीने प्रयोग करता है और आधुनिक खाद इस्तेमाल करता है आधुनिक बीज प्रयोग करता है लेकिन किसान को आधुनिक कमाई से दूर रखा गया । किसान को ऐसी आधुनिकतम तकनीकी के पास लाया गया जिससे उसकी लागत बड़े लेकिन किसान इसकी भरपायी कैसे करे यानी कमाने (लघु उदयोग) के तरीको से दूर रखा गया । नतीजा ये हुआ कि किसान देवालिया हो गया और उसके सामने आत्महत्या के आलावा और कोई रास्ता नही । अब सवाल आपके मन मे भी उठा होगा । किसान के आज के हालात का जिम्मेवार कौन ? आपशन है १. क्या हमारे देश की गलत नीतिया ? २. क्या तत्कालीन सरकारे ? ३. क्या किसान खुद इसका जिम्मेवार है ? ४. क्या आजादी के बाद भी अंग्रेजो वाली नीतिया जिम्मेवार है ? आखिर इसका जिम्मेवार है कौन ? और मै इतना अवश्य कहूँगा कि ये आवाज इन तथाकथित तक्में और पुरुस्कार लोटाने वालो ने क्यो नहीं उठायी ?

Friday, 30 October 2015

वर्तमान सरकार और देशहित

मुठ्ठी भर लोग अपने तक्मे और पुरुस्कार लोटाकर क्या साबित करना चाहते है ? ये सब करके देश के मतदाताओ को भ्रमित नही कर सकते आज का नागरिक सब समझता है वो आप सबो को जानता है और मोदी जी को भी समझता है । इन लोगो में और जो एक आंतकवादी की फाँसी रुकवाने के लिये रात के दो बजे सुप्रीम कोर्ट खुलवा देते है । दोनो में क्या अंतर है ? कृपया विचार करें और देश को बताये । जब कंग्रेस सत्ता में थी और प्रधान मंत्री श्रीमती इन्द्रा गाँधी जी थी १९८० के दशक में बच्चो और वृद्दो की नसबन्दी (बधिया) कर दिया गया । और उससे पहले १९७५ में जब इमरजेन्सी लगाई और १९८४ में सिख भाईयो के साथ क्या हुआ किसी से छिपा नहीं है तब ये लोग कहाँ थे और उस समय किसी का जमीर नही जागा । भारत के १२५ करोड़ मतदाताओ के अनुसार वर्तमान सरकार और प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देशहित में बहुत अच्छा काम कर रहे है । मोदी जी ने देश की आन्तरिक और बाह्य सुरक्षा को मजबूती प्रदान की है । और वर्तमान सरकार ने विदेशो और भारत के पड़ोसी देशो के साथ मधुर सम्बन्ध स्थापित किये है । यू.ऐन में स्थाई सीट के लिये जगह सुनिश्चित की है । मेक इन इन्डिया को भी स्थापित किया है । सोलर इनर्जी को भी विस्तार किया है । योग की पहिचान दुनिया मे मोदी सरकार के प्रयास का नतीजा है इसीलिये २१ जून को योग दिवस मनाया जाता है और भी बहुत सारे विकास की योजनाये देश में चल रही है । इसके अलावा पाकिस्तान और चीन को उन्ही की भाषा में कई बार जबाव दिया है वर्तमान सरकार ने ये सब काम मात्र एक साल (one year only) किया है । हम सरकार को १०० में से ९९ नम्बर देते है ।

बचत (Savings)

मनुष्य को वर्तमान में पैसो की बचत भविष्य के लिये करनी चाहिये । बचत करने का कोई निर्धारित समय नहीं होता लेकिन बचत जितनी जल्दी की जाय उतनी ही लाभप्रद होती है क्योकि आज की जिन्दगी में इतनी आर्थिक समस्याऐ होती है कि लोग बचत को लेकर टालते रहते है । लेकिन जल्दी शुरुआत नहीं कर पाते । इसके लिये दृढ़ इच्छा शक्ति जरुरी है । अपनी तनुखा का शुरुआती दौर में ३०% बचत करनी चाहिये । बचत करने के लिये फिजूलखर्ची पर रोक लगाये जैसे दारु,बीड़ी, सिगारेट से बचे और अपने काम खुद करे और ऐसी चीजे या प्रोडक्ट से बचे जो हमेशा खर्च बढ़ाते हो,लोगो को परेशान करते हो या ध्वनि या वायु प्रदूषण फैलाते हो, समय बरबाद करते हो ऐसी चीजो से बचे और ज्यादा पैसे बचाये । किसी भी तरह जो आपको आसान लगे भविष्य के लिये बचत जरुर करें जो जरुरत के समय काम आये ।

Thursday, 29 October 2015

दहेज

दहेज हमारे देश की एक समाजिक समस्या है और ये सदियो पुरानी समस्या है इसमें बेटी की शादी पर बेटी वालो को वर (दुल्हा) पक्ष को दहेज रुप मे धन-दौलत और गाड़ी इत्यादि देना पड़ता है । आज भारत में मध्यम वर्ग सब कुछ जानते हुए भी कु्छ नहीं जानता । सबको पता है कि दहेज लेना कानून अपराध है लेकिन इस देश में सब कुछ चलता है और चल भी रहा है । दहेज पर सबसे पहले कानून बना Dowry Prohibition Act 1961 और इसके बाद जब घरेलू हिन्सा बेटियो और बहनो पर बड़ी तो कानून बना Protection of Women from Domestic Violence Act 2005 इन सब कानूनो के बावजूद न तो दहेज कम हुआ और ना ही औरतो के खिलाफ घरेलू हिन्सा में कमी आयी और ना ही सामाजिक हिन्सा मे कमी आयी । इसका उल्टा हुआ दहेज से बेटियों और बहनो के साथ दुरव्यवहार बड़ा और जलाकर मार देने की प्रथा बड़ी है इसी तरह बेटियो और बहनो का बाहर निकलना इस समाज के दुष्ट लोगो ने दूभर कर दिया । बहन-बेटी अगर बाहर जाये तो घर वालो को ठीक से नीद नही आती । अब बताओ आज एक पिता कैसे बहन बेटी को बचा सकता है । ये एक सामाजिक समस्या है इसमे हम सब बराबर के हिस्सेदार और जबावदार है । आज समाज को चाहिए कि अपने बेटो को अच्छे संस्कार दे । क्योकि ये सर्व विदित है कि जो दहेज माँगता है वो किसी न किसी का बेटा (लड़का) और जो बाहर जा कर किसी लड़की को छेड़ता है या बलात्कार करता है तो वो भी किसी न किसी का बेटा ही होता है । उसे बचाओ मत नही तो इस तरह की समस्याये और बड़ेगी । प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा था कि बेटो से भी पूछा करो कि तुम अब तक कहाँ थे ? भारतीय समाज को ये अपनी संकीर्ण सोच बदलनी होगी और निकलना होगा इस पुत्र मोह से । हर भारतीय को अपनी सोच बदलनी होगी तभी हम बहन और बेटियो को इन समस्याओ से बचा सकते है । सरकार को चाहिये कि दहेज लेने वाले, जलाकर मारने वालो और बलात्कारियो के खिलाफ फाँसी लागू करे । आज तो बलात्कारी और दहेज से मारने वाले खुलेआम घूम रहे है इनको फाँसी होनी चाहिए ।

सड़क दुर्घटनाओ का जिम्मेवार कौन ?

भारत में सड़क दुर्घटनाओ के कारण आज हमारे निर्दोष नागरिक मारे जा रहे है । दिल्ली में प्रतिदिन पाँच नागरिक सड़क दुर्घटनाओ के कारण मारे जाते है और देश में हर चार मिनट में एक नागरिक मारा जाता है । इस तरह हर २४ घंटे में ३६० नागरिक सड़क दुर्घटनाओ में मारे जाते है । देश का कितना बड़ा दुरुभाग्य है । इन सबकी नैतिक जबावदारी किसकी है ? क्या इन सड़क हादसो के लिये पूरी तरह से नागरिक जबावदार है ? क्या इसके लिये पूरी तरह से सरकार जिम्मेवार है ? क्या यहाँ का सिस्टम जिम्मेवार है ? क्या यहाँ की सड़के जिम्मेवार है ? आखिर इन सड़क हादसो के लिये जिम्मेवार कौन ?
ये आकड़ा बहुत भयवाह है सरकार को चाहिये कि सही तथ्यो का पता लगाये और सड़क दुर्घटनाओ की रोक थाम के लिये उचित कदम उठाये और नागरिको को भी उचित लाइसेन्स और पूरी सड़क नियमों की जानकारी होने पर ही गाड़ी चलाये । गाड़ी चालाते समय किसी नशा का प्रयोग न करें । क्योकि आपका और जो भी सड़क पर चल रहा है सबका जीवन अनमोल है एक दूसरे के जीवन की रक्षा करें ।

गीता ज्ञान - शरीर और शरीरी

जो आदि और अन्त में नहीं है, उसका ‘नहीं’ पना नित्य-निरन्तर है तथा जो आदि और अन्त में है ।, उसका ‘है’ पना नित्य-निरन्तर है । जिसका ‘नहीं’ – पना नित्य-निरन्तर है । वह ‘असत’ (शरीर) है और जिसका ‘है’ पना नित्य-निरन्तर है, वह ‘सत’ (शरीरी) है । असत के साथ हमारा नित्य वियोग है और सत के साथ हमारा नित्ययोग है ।

Wednesday, 28 October 2015

सेहत अच्छी रखे

छोटी-छोटी बातो का ध्यान रखे और सेहत अच्छी रखे ।
(क)   नोनवेज के साथ दूध से बनी चीजो जैसे खीर आदि का इस्तेमाल न करे ।
(ख)   उड़द की दाल के साथ दही का इस्तेमाल न करें ।
(ग)   शाम को खीरा, टमाटर और प्याज का इस्तेमाल न करें खासकर कच्चे सलाद में प्रयोग न करें ।
इनसे चर्म रोग और पेट की बीमारिया होती है इसलिये इन से बचे ।

सुरक्षित दिपावली मनाये

दिपावली प्रकाश का पर्व है । दीपावली कार्तिक माह की अमावस को मनाई जाती है । रोशनी से अंधकार दूर हो जाता है इसी तरह मन में अच्छे विचारों को प्रकाशित कर हम अपने मन के अंधकार को दूर कर सकते है । कई दिनो पहले घरों व दुकानो में सफाई शुरु हो जाती है और साथ ही सर्दी के मौसम की भी शुरुआत हो जाती है । दिपावली पर घरो में खुशी का माहोल रहता है बच्चे बहुत खुश रहते है । दिपावली से दो दिन पूर्व धनतेरस का त्योहार आता है । इस दिन बरतन या सोना खरीदते है लोग और इस दिन तुलसी या घर के दवार पर दीपक जलाया जाता है । इससे अगले दिन नरक चतुर्दशी या छोटी दीवाली होती है । इस दिन यम पूजा हेतु दीपक जलाये जाते है । दिपावली के दिन भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता १४ वर्ष का वनबास पूर्ण कर अयोध्या लौटे थे । और भगवान के आने की खुशी में नगरवासियो ने घर में घी के दिये जलाये थे । तभी से दिपावली की शुरुआत हुई । लक्ष्मी पूजा के दूसरे दिन “गोवर्धन पूजा” मनाया जाता है इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने इन्द्र को पराजित किया था । दिपावली पर दिये खूब जलाये और पटाखा बिलकुल न फूड़े और अपने पर्यावरण को प्रदूषण रहित रखे और बच्चे मिठाई खाये, दिये जलाये और नये कपड़े पहरे लेकिन बच्चो पटाखे नहीं चलाये सभी बच्चे अपने आपको सुरक्षित रखे क्योकि आप लोग देश के भविष्य हो । पटाखे नहीं चलाना । क्योकि पटाखे से जल सकते हो, धुआँ से नुकसान होता है और आवाज से कान के परदे को नुकसान हो सकता है । इसलिये पटाखे किसी भी किमत पर नहीं चलाना । सुरक्षित दिपावली मनाओ और बच्चो को भी सुरक्षित रखे ।

Tuesday, 27 October 2015

हिन्दुओ की दुर्दशा का जिम्मेवार कौन ?

जब भारत आजद हुआ और पाकिस्तान असतत्व में आया उस समय पाकिस्तान में १५% हिन्दू थे लेकिन आज वहाँ हिन्दुओ की कितनी दुर्दशा है इसका अन्दाजा किसीको नहीं है ये सिर्फ और सिर्फ सीमा पार के हिन्दू ही जानते है और आज पाकिस्तान में हिन्दू सिर्फ २% बचे है । और ये २% हिन्दू कैसे बचे है ? इसको कोई नहीं जानना चाहता । उन हिन्दुओ पर जो पाकिस्तान में रहते है । और आज अमेरिका, हमारे देश के जातिय दंगो की बात करता है लेकिन अमेरिका, पाकिस्तान के हिन्दुओ की बात क्यो नहीं करता ? क्यो अमेरिका को साँप सूघ जाता है ? उनका दर्द कोई नहीं बाट्ता । उनका दर्द भारत को बांटना चाहिये आज हमारा देश, मेरा देश हर हाल में सक्षम है और कुछ भी कर गुजर सकता है ।

छोटी-छोटी बातो का राज



छोटी-छोटी बातो का ध्यान रखे और सेहत अच्छी रखे ।

(क) खाना खाने से ४५ मिनट पहले पानी पी सकते है । और खाने के तुरंत बाद पानी ना पिये एक घंटे के बाद पानी पिये । खाना खाते समय एक-दो घूट पानी पी सकते हो ।

(ख) पोटी करने के तुरन्त बाद पानी न पिये ।

(ग) संभोग करने के बाद पानी न पिये ।

(घ) खाना खाने के बाद १ घंटे ३८ मिनट तक कोई रोमांस और संभोग न करें ।

26 Oct 2015

आज (२६ अक्तूबर २०१५) दिन के २.४५ बजे दिल्ली व पूरा भारत हिल उठा लगभग एक मिनट तक हिलता रहा । मैने ऐसा जिन्दगी में पहली बार देखा इतनी देर तक सब कुछ हिलता रहा । जैसे मछली का बाउल, पंखा, किवाड़, गमले के पौधे । मै काफी भयभीत था और कब क्या अनहोनी हो कुछ पता नही था ? लेकिन मैं भगवान को याद कर रहा था कि भगवान सब को सुरक्षित रखना, देश को सुरक्षित रखना । और भगवान ने ऐसा ही किया । भगवान आपका बहुत बहुत धन्यवाद । भगवान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान मे सब कुछ ठीक ठाक रखना प्रभु ।

Thursday, 22 October 2015

कार फ्री डे



दिल्ली सरकार की ये पहल एक शुरुआत है दिल्ली के एक छोटे से रुट और समय सिर्फ पाँच घंटे, अब कार फ्री डे को कितना विशाल रुप दे पायेगे ? ये आने वाला समय बतायेगा । वैसे दिल्ली वालो को इससे हर तरह से लाभ ही लाभ है । साईकिल से हमारी और आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी, समय और पैसे की बचत होगी और साफ वातावरण होगा इसके अलावा देश पर आयत का बोझ कम होगा और आयत का बोझ कम होने से विदेशी मुद्रा बचेगी । इसके अलावा जाम की समस्या से निजात, एक्सीडेन्ट में कमी होगी, निर्दोष नागरिक बचेगे । फायदे बहुत है हम सब सोचते है कि ये कामयाब हो जाये लेकिन ये काम इतना आसान नहीं है । खैर देखते है कार फ्री डे कितना सफल होता है ।

विजय दशमी

आज के दिन राम ने रावण को मार कर विजय प्राप्त की थी कहा जाता है बुराई का अंत हो गया था उस समय त्रेता युग की बात है । लेकिन भगवान श्री राम इन कलियुगी रावणो का अंत कब करेगे । आज देश में रावणो की भरमार है और तो और ये रावण आज के पवित्र दिन को भी नहीं छोड़ेगा आज भी कुछ न कुछ उल्टा करेगा । भगवान इन रावणो को सदबुद्दी दें । 

 

Wednesday, 21 October 2015

प्रकृति से चिकित्सा





१. मधुमेह मे प्यास अधिक लगने पर पानी में नींबू निचोड़ कर पिलाने से लाभ होगा । 

२. मधुमेह के लिये टमाटर बहुत लाभदायक है । टमाटर की खटाई शरीर मे शर्करा की मात्रा घाटाती है मूत्र मे शर्करा जाना धीरे-धीरे कम हो जाता है । प्रमेह में भी यह उपयोगी है ।

सावधानी – टमाटर खाने के बाद पानी न पीये । टमाटर में तेजावी अंश होता है जो पेट साफ रखता है । यदि टमाटर खाकर पानी पीने से यह तेजाबी गुण नष्ट हो जाते है । तेज खाँसी मे कच्चा टमाटर लेना हानिकारक है पथरी के रोगीयो को टमाटर का सेवन नही करना चाहिये । टमाटर के साथ शक्कर का प्रयोग लाभकारी है । माँस पेशियों में दर्द, कही सूजन हो तो टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए ।

मिलावट

मिलावट खोरो अगर तु्म भगवान को मानते हो तो खाने पीने की चीजो में मिलावट करना बंद करो । पुलिस से, प्रशासन से मिलें हो सकते हो और रिशवत दे सकते हो लेकिन भगवान तुम्हें बक्सेगा नहीं इसी जन्म में और यही सजा देगा तुम तो तुम, तुम्हारे बच्चो को भी भगवान नहीं छोड़ेगा क्योकि भगवान हमेश न्याय करता है उसके यहाँ देर है अंधेर नहीं ।

गीता ज्ञान


परमशक्ति भगवान ने जीव को जो स्वतन्त्रता दी है । उसका दुरुपयोग करने से ही जन्म मरण हो रहा है । मिली हुई स्वतन्त्रता का सदुपयोग करने से जन्म-मरण मिट जायेगा । अपनी जानकारी का अनादर करने से जन्म मरण हुआ है । भगवान से विमुख होने से जन्म मरण हुआ और भगवान के सम्मुख होने से जन्म मरण मिट जायेगा । अनादर करने का तात्यपर्य कि हम जितना जानते है उसके अनुसार कार्य न करना जैसे सत्य बोलना ठीक है झूठ बोलना ठीक नहीं है जानते हुए स्वार्थ के लिये झूठ बोल देते है

देश की समपत्ति को नुकसान न पहुँचाये

हम बिना सोचे समझे इतने उग्र रुप धारण क्यों कर लेते है ? और अपने ही घर (शहर) में तोड़-फोड़ और आगजनी शुरु कर देते है । पंजाब में जो कुछ हुआ बहुत गलत हुआ और ऐसा नहीं होना चाहिये था । लेकिन हम अपने ही घर को जला रहे है ये भी गलत है । इसी तरह अंग्रेज हमारे यहाँ २०० वर्ष तक राज किया । कैसे किया ? इसका जबाव हम सब जानते है । जो आज देश में हो रहा है वो उस समय अंग्रेजो ने किया था । दादरी कांड का भी मकसद दंगे करवाना था । भारत में अंग्रेजो ने आमने-सामने की लड़ाई कभी नहीं लड़ी । "फूट डालो राज करो" अंग्रेजो की यही मोडस ओपरेन्डी थी । और आज पाकिस्तान की आमने-सामने युद्द करने की हिम्मत है नहीं । हर बार इनको मुहँ की खानी पड़ी है । हम सभी भारतीयों को सयंम रखना होगा । किसी भी घटना पर अपना रिएक्शन सूझ-बूज और जिम्मेदार नागरिक की तरह करें । सभी से मेरी अपील है कि अपने देश की सम्पति को नुकसान नहीं पहुँचाये । हम सबको देश विरोधी ताकतो से मिलकर लड़्ना होगा । कहीं हम इन में उलझे रहे तो हम भी पाकिस्तान की तरह देवालिया न बन जाय । इसलिये हम सभी एक जिम्मेवार नागरिक की तरह अपना कर्तव्य निभाये और इन देश विरोधी दुशमनो को हराना और भगाना होगा ।

Monday, 19 October 2015

दुर्गति नाशिनी दुर्गा जय जय





सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके ।
शरण्ये त्रयम्बक गौरी नारायणी नमोस्तुते ।

दुर्गति नाशिनी दुर्गा जय जय,
काल विनाशिनी काली जय जय ।
उमा रमा ब्रह्म्णी जय जय,
राधा सीता रुक्मिणि जय जय ॥
साम्ब सदाशिव, साम्ब सदाशिव, 
साम्ब सदाशिव, जय शंकर ।
हर हर शंकर दुखहर सुखकर, 
अध तम हर हर हर शंकर ॥
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे,
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ॥ 
जय जय दुर्गा, जय माँ तारा, 
जय गणेश्ल, जय शुभ आगारा ।
जयति शिवा शिव जनकी राम, 
गौरी शंकर सीता राम ॥
जय रघुनन्दन जय सियाराम, 
ब्रज गोपी प्रिय राधेश्याम ।
रघुपति राघव राजा राम, 
पतित पावन सीताराम ॥

खतरा सज्जनो से


किसी ने कहा है कि देश को जितना खतरा सज्जनो से है उतना दुष्टों से नहीं । दोस्तो आप क्या सोचते है कि ये कहाँ तक सत्य है ? मेरे अपने अनुभव से ये १५० फीसदी सच है आप इतिहास के पन्ने पलटिये दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा । भारत के लिये तो ये वाक्य सत्य है । कल ही मैने “इतिहास जरुर पढ़े” पोस्ट किया है । तो आप सभी शुरुआत किजिये और ऐसे सज्जनों की एक तालिका (लिस्ट) तैयार किजिये और मुझे भी भेजिये ।

सहन करने की आदत डाले

आज के युग में अगर आपको शान्ति चाहिये तो हमें सहन करने की क्षमता बड़ानी होगी आप और हम कही पर रहे दुष्टो की कमी नही है । अगर आप परिवार के साथ रहते है तो छोटी छोटी बातो को उपेक्षा (इगन्योर) करे और शान्ति से रहे । इस तरह हम कही भी रहे या किसी सस्था के साथ रहे थोड़ा सहन करे और थोड़ उपेक्षा (इगन्योर) करे ऐसे आप, सब लोग शान्ति और विकासमय अपना जीवन व्यतीत कर सकते है ।

वृक्ष प्रेम

प्रेम या प्यार का अहसास कब होता है ? जब विरह होती है उस समय प्यार का अनुभव होता है कि मुझे प्यार हो गया मेरे साथ कुछ एसा हुआ । तीन महीने पहले की बात है घर पर तुलसी के गमले मे एक छोटा सा पौधा अंकुरित हुआ बाद में पता चला कि पीपल का पौधा है मैने उसे खाली घी के डिब्बे में लगा दिया । ये पौधा चार फीट लम्बा हो गया घर में पीपल का पेड़ लगाने से वास्तु दोष होता है खैर १८ अक्तूबर २०१५ को अपने घर से एक कि.मी की दूरी पर लगा दिया । उस समय मुझे वास्तव में बहुत अहसास हुआ और मै काफी भावुक हो गया था । उस जगह को देखता जहां वो पौधा रखा रहता था उसकी मुझे याद आती रहती है । जो भी है वो पौधा खूब फले फूले और विशालकाय वृक्ष बने ।

विनाश काले विपरीत बुद्दी


अगर आप किसी को सही रास्ता या कोई सलाह बताओ अगर वो स्वदेशी होगी या अपने देश की होगी तो वो नहीं मानेगा । कुछ लोग तो देश हित को ही नही मानते, पता नहीं इन (कुछ) लोगो को क्या हुआ है ? अगर एक इन्सान अपने समाज और देश के लिये कुछ अच्छा कर रहा है तो अपने ही लोग बहिष्कार करते है यही अगर पाकिस्तान का आतंकवादी है तो भी उसका साथ दिया जायेगा । अभी जी न्यूज पर देखा कि क्या नाम है पता नहीं ? लेकिन पाकिस्तान का है और शिव सेना ने विरोध किया सुना है कि अब दिल्ली के सी.ऐम साहब उसको दिल्ली बुला रहे है उसकी सुरक्षा की भी जिम्मेवारी सी.एम साहब की है । लेकिन बात जब दिल्ली वालो की या यहाँ की महिलाओ, बेटियो की आती है तो जबादारी मोदी जी की ये तो बात कुछ पची नही । सी.एम साहब जी दिल्ली की इन महिलाओ और बेटियो ने भी आपको वोट दिया है तभी आपकी ६७ सीटे दिल्ली में मिली है देखना ये आपकी सीटे माइनस वन (-1) न रह जाये । शिव सेना जो भी कर रही है वो ठीक कर रही है क्योकि जब ये ही लोग ऐक आतंकवादी याकूब मैनन की पक्षदारी कर रहे थे और उसके लिये रात के ऐक बजे  सुप्रीम कोर्ट को खुलवाते है । ये सब के सब वो ही लोग है ।

Sunday, 18 October 2015

रामायण रोज पढ़े


तुलसी दास ने रामायण महिमा में धर्म, समाज में फैली बुराइयो, कुरीतियो, आपस में प्रेम और भाईचारे, सदभावना और देश की सेवा के लिये समाज को प्रेरित किया है । 

हमें निज धर्म की शिक्षा सिखाती नित्य रामायण ।
कपट छल छन्द से बचना बताती हमको रामायण ॥
कपट संसार सागर से जो होना पार तुम चाहो ।
त्याग कर मोह और माया पढ़ो तुम नित्य रामायण ॥
ह्रदय मन्दिर के भीतर जिनके है कुछ ज्ञान औ भक्ति ।
उन्हें सदमार्ग की शिक्षा सिखाती नित्य रामायण ॥
पिता माता व भ्राता में बढ़े नित प्रेम की धारा ।
यही है सार दुनियाँ में बताती जो कि रामायण ॥
दीन दुखियों की सेवा में लगाना अपने धन मन का ।
करना निज देश की सेवा बताती हमको रमायण ।।
बनाकर दास तुलसी ने किया उपकार दुनियाँ का ।
ह्रदय में प्रेम की धारा बहाती नित्य रामायण ॥
करें विनती यह गोवर्दृन पढ़ो नित प्रेम से इसको ।
प्रेम भक्ति का सागर है, अनूठा ग्रन्थ रामायण ॥

इतिहास जरुर पढ़े



हमे अपना इतिहास जानना बहुत जरुरी है और जब हम अपना इतिहास जनेगे तो उस समय जो घटनाये घटी उनका परिणाम पता लगेगा उन घटनाओ में सच-झूठ का पर्दा फास होगा और पता लगेगा कि देश में राष्ट्र भक्त कौन है ? और देश का गद्दार कौन है ? इसके बाद वर्तमान में उन बिन्दुओ को ध्यान मे रखते हुए हमें काम करना होगा क्योकि डी.एन.ए बदली नही होता । ये सत्य है । इसलिये इतिहास जरुर पढे ।

मंत्रो की महिमा


मन की मनन करने की शक्ति अर्थात एकाग्रता प्रदान करके जप से सभी प्रकार के भय से मुक्ती मिलती है । मंत्रो से मनुष्य को रक्षा कवच मिलता है ।
(क) हरि ॐ - “हीं” शब्द बोलने से यकॄत पर गहरा प्रभाव पड़्ता है और हरि के साथ यदि ॐ मिलाकर उच्चारण किया जाये तो हमारी पाँचो ज्ञानेन्द्रियों पर अच्छा असर पड़ता है । सात बार हरि ॐ बोलने से मूलाधार केन्द्र में स्पंदन होते है और कीटाणु मर जाते है ।

(ख) ॐ राम …. ॐ राम का हर रोज एक घंटा जप करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है । मन पवित्र होता है । निराशा, हताशा और मानसिक दुर्बलता से छुटकारा मिलता है और स्वास्थ्य अच्छा होता है ।

(ग) ॐ सूर्याय नम: के जप से दीर्घायु, वीर्य, स्वास्थ्य और ओज प्राप्त होता है यह मंत्र शरीर व चक्षु के सारे रोग दूर करता है । इस मंत्र का जप करने से शत्रु उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते।

प्रकृति से चिकित्सा


डेंगू से बचाव के लिये गिलोय (अमृत, गुच्च) का इस्तेमाल करे तो आप डेंगू, मलेरिया या वाइरल फीवर से बचे रहेगे । हफ्ते में दो बार गिलोय का काड़ा लेते रहे आप इनसे बचे रहेगे । अब बाबा रामदेव (पतंजलि) ने गिलोय के टेबलेट भी मिलते है । प्रो एक्टीव रहे अग्रेंजी में कहावत है कि Prevention is the better then cure.

Saturday, 17 October 2015

मृत्यु ऐक सत्य

इस संसार में जो पैदा हुआ है वो मरेगा जरुर यह परम सत्य है । मनुष्य का शरीर पल पल परिवर्तनशील है माँ के गर्भ से लेकर बाल्यकाल, जवानी, बुड़ापा और अंत में मृत्यु को प्राप्त होता है । यहाँ परिवर्तनशील से मतलब है कि मनुष्य का पल पल मरना । जन्म हुआ मरा और बचपन से जवानी फिर मरा और जवानी से बुड़ापा फिर मरा और अन्त में मृत्यु को प्राप्त होता है । और इस तरह आत्मा दूसरे शरीर को ग्रहण करती है । जैसे हमारा शरीर हर रोज कपड़े बदली करता है ठीक वैसे ही आत्मा वो ही होती है सिर्फ शरीर बदली होता है । दोस्तो ये है गीता का ज्ञान । इसीलिये कहा गया है कि "पूत कपूत तो का धन संचय, पूत सपूत तो का धन संचय" इसका मतलब है अगर पुत्र दुष्ट है तो धन जमा करने की आवश्यकता नहीं और अगर पुत्र सुपुत्र है तो भी धन एकत्र करने की जरुरत नही है । सभी को पता है कोन लोग तीन-तीन पीढीयों के लिये धन संचय करते है ।  

गौमाता, किसान और हकीम



आज हमारे देश का किसान प्राकृतिक आपदा या रासायनिक खादो या जहरीले कीटनाशको की अधिकता की वजह से किसान आत्मा हत्या कर रहा है । वही अगर खेती के साथ-साथ गौपालन करे । सबसे अधिक लाभप्रद, उत्पादन एवं मौलिक व्यवसाय है । यदि एक गाय के दूध, दही, घी, गोबर, गौमूत्र का पूरा-पूरा उपयोग व्यवसायिक तरीके से किया जाए तो उससे प्राप्त आय से एक परिवार का पालन पोषण आसानी से हो सकता है। यदि गौवंश आधारित कृषि को भी व्यवसाय का माध्यम बना लिया जाए तब तो औरों को भी रोजगार दिया जा सकता है। गौमूत्र से औषधियाँ और कीट नाशक बनाया जा सकता है। गोबर से गैस उत्वादन हो तो रसोई में ईंधन का खर्च बचाने के साथ-साथ खाद का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 
गौमाता एक चलती फिरती चिकित्सालय है। गाय के रीढ़ में सूर्य केतु नाड़ी होती है जो सूर्य के गुणों को धारण करती है। सभी नक्षत्रों की यह रिसीवर है। यही कारण है कि गौमूत्र, गोबर, दूध, दही, घी में औषधीय गुण होते हैं। 
1. गौमूत्र :- आयुर्वेद में गौमूत्र के ढेरों प्रयोग कहे गए हैं। गौमूत्र को विषनाशक, रसायन, त्रिदोषनाशक माना गया है। गौमूत्र का रासायनिक विश्लेषण करने पर वैज्ञानिकों ने पाया, कि इसमें 24 ऐसे तत्व हैं जो शरीर के विभिन्न रोगों को ठीक करने की क्षमता रखते हैं। गौमूत्र से लगभग 108 रोग ठीक होते हैं। गौमूत्र स्वस्थ देशी गाय का ही लेना चाहिए। काली बछिया का हो तो सर्वोत्तम। बूढ़ी, अस्वस्थ व गाभिन गाय का मूत्र नहीं लेना चाहिए। गौमूत्र को कांच या मिट्टी के बर्तन में लेकर साफ सूती कपड़े के आठ तहों से छानकर चौथाई कप खाली पेट पीना चाहिए।
गौमूत्र से ठीक होने वाले कुछ रोगों के नाम – मोटापा, कैंसर, डायबिटीज, कब्ज, गैस, भूख की कमी, वातरोग, कफ, दमा, नेत्ररोग, धातुक्षीणता, स्त्रीरोग, बालरोग आदि। 
2. गोबर :- गोबर विषनाशक है। यदि किसी को विषधारी जीव ने काट लिया है तो पूरे शरीर को गोबर गौमूत्र के घोल में डुबा देना चाहिए। नकसीर आने पर गोबर सुंघाने से लाभ होता है। प्रसव को सामान्य व सुखद कराने के समय गोबर गोमूत्र के घोल को छानकर 1 गिलास पिला देना चाहिए(गोबर व गौमूत्र ताजा होना चाहिए)। गोबर के कण्डों को जलाकर कोयला प्राप्त किया जाता है जिसके चूर्ण से मंजन बनता है। यह मंजन दांत के रोगों में लाभकारी है। 
3. दूध : – गौदुग्ध को आहार शास्त्रियों ने सम्पूर्ण आहार माना है और पाया है। यदि मनुष्य केवल गाय के दूध का ही सेवन करता रहे तो उसका शरीर व जीवन न केवल सुचारू रूप से चलता रहेगा वरन् वह अन्य लोगों की अपेक्षा अधिक सशक्त और रोग प्रतिरोधक क्षमता से संपन्न हो जाएगा। मानव शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व इसमें होते हैं। गाय के एक किलो दूध से इतनी शक्ति मिलती है, जितनी की 4 अण्डों और 250 ग्राम मांस से भी प्राप्त नहीं होती। देशी गाय के दूध में विटामिल ए-2 होता है जो कि कैंसरनाशक है, जबकि जर्सी(विदेशी) गाय के दूध में विटामिन ए-1 होता है जो कि कैंसरकारक है। भैंस के दूध की तुलना में भी गौदुग्ध अत्यन्त लाभकारी है।
4. दही : –गाय का दही भूख बढ़ाने वाला, मलमूत्र का नि:सरण करने वाला एवं रूचिकर है। केवल दही बालों में लगाने से जुएं नष्ट हो जाते हैं। बवासीर में प्रतिदिन छाछ का प्रयोग लाभकारी है। नित्य भोजन में दही का सेवन करने से आयु बढ़ती है। 
कुछ अन्य प्रयोग :-
* अनिद्रा में गौघृत कुनकुना करके दो-दो बूंद नाक में डालें व दोनों तलवों में घृत से 10 मिनट तक मालिश करें। यही प्रयोग मिर्गी, बाल झडऩा, बाल पकना व सिर दर्द में भी लाभकारी है।
* घाव में गौघृत हल्दी के साथ लगावें। * अधिक समय तक ज्वर रहने से जो कमजोरी आ जाती है उसके लिए गौदुग्ध में 2 चम्मच घी प्रात: सायं सेवन करें। 
* भूख की कमी होने पर भोजन के पहले घी 1 चम्मच सेंधानमक नींबू रस लेने से भूख बढ़ती है।
गौघृत से विभिन्न प्रकार की औषधियाँ भी बनती है – अष्टमंगल घृत, पञ्चतिक्त घृत, फलघृत, जात्यादि घृत, अर्शोहर मरहम आदि। गाय एक पर्यावरण शास्त्र :
1. गाय के रम्भाने से वातावरण के कीटाणु नष्ट होते हैं। सात्विक तरंगों का संचार होता है।
2. गौघृत का होम करने से आक्सीजन पैदा होता है। - वैज्ञानिक शिरोविचा, रूस
3. गंदगी व महामारी फैलने पर गोबर गौमूत्र का छिडक़ाव करने से लाभ होता है।
4. गाय के प्रश्वांस, गोबर गौमूत्र के गंध से वातावरण शुद्ध पवित्र होता है।
5. घटना – टी.बी. का मरीज गौशाला मे केवल गोबर एकत्र करने व वहीं निवास करने पर ठीक हो जाता है।
6. विश्वव्यापी आण्विक एवं अणुरज के घातक दुष्परिणाम से बचने के लिए रूस के प्रसिद्ध वैज्ञानिक शिरोविच ने सुझाव दिया है -
* प्रत्येक व्यक्ति को गाय का दूध, दही, छाछ, घी आदि का सेवन करना चाहिए।
* घरों के छत, दीवार व आंगन को गोबर से लीपने पोतने चाहिए।
* खेतों में गाय के गोबर का खाद प्रयोग करना चाहिए।
* वायुमण्डल को घातक विकिरण से बचाने के लिए गाय के शुद्ध घी से हवन करना चाहिए।
7. गाय के गोबर से प्रतिवर्ष 4500 लीटर बायोगैस मिल सकता है। अगर देश के समस्त गौवंश के गोबर का बायोगैस संयंत्र में उपयोग किया जाय तो वर्तमान में ईंधन के रूप में जलाई जा रही 6 करोड़ 80 लाख टन लकउ़ी की बचत की जा सकती है। इससे लगभग 14 करोड़ वृक्ष कटने से बच सकते हैं।

मेक इन इन्डिया की हकीकत



आज भारत के पूरे बाजार चीन के समानो (प्रोडक्ट) से पटे पड़े है । हमारे यहाँ करोबारी चीन से माल मगवाँ कर अपना ठप्पा मारकर खुलेआम बेच रहे है जबकि हमारी सरकार मेक इन इन्डिया चला रही है । मै काम की तलाश में दिल्ली में गया तो यहाँ चश्मे बनते है । असिसटेंट मेनेजर की पोस्ट थी चार दिन काम किया पता चला किसी जमाने में धूप और नजर के चश्मे बनते थे । लेकिन अब पूरा माल चीन से आता है और आप अपना ठप्पा मार के पूरे भारत मे सप्लायी करते है । ऐसे लोग सरकार और मजदूरो के साथ गद्दारी कर रहे है । ये समाज का शोषण कर रहे है । सरकार को ऐसे कारोबारियो पर नजर रखने के साथ-साथ कड़ी कार्यवाही करनी चाहिये । दिल्ली में जैसे गंदगी है वैसे ही चीनी (चाइना) का माल (प्रोडक्ट) भी पटा पड़ा है। कृपया अपने विचार जरुर व्यक्त करे और शेयर करे ताकि सरकार तक ये बात पहुँचे ।

सकारात्मक और नकारात्मक


हमारे नव युवक जयादा पैसे कमाने के चक्कर में नकारात्मक काम करते है । जैसे बैक के लिये सुरंग खोद दी बैक में चोरी करने के लिये इसी तरह किसी का अपहरण कर फिरोती लेने के लिये षड्यंत्र रचना । इस तरह से आज का युवा अपनी बुद्दि और योग्यता का इस्तेमाल नकारात्मक कामों में लगा रहा है । यही सोच और बुद्दि का इस्तेमाल देश और समाज या खुद के लिये अच्छे कामो में लगाये तो सोहरत और इज्जत दोनो मिलेगे नहीं तो बेइज्जती और जेल या इससे भी ज्यादा मिलेगा । 

चीन और पाकिस्तान को उन्हीं की भाषा में भारत का कड़ा जबाव

आज 15 अक्तूबर 2015 मै जी न्यूज (डी.एन.ए) देखकर बहुत खुश हुआ थाकान के बावजूद अपने आप को रोक न सका । मुझे बहुत दिनो से इन्तजार था कि चीन और पाकिस्तान को उन्हीं की भाषा में भारत कड़ा जबाव दें । नव रात्ररे में दुर्गा माँ की कृपा से भारत ने दोनो पड़ोसियों को बहुत धासू जबाव दिया है । इसका पूरा श्रेय हमारे प्रधान मन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को जाता है । आपको और आपकी टीम इन्डिया को बहुत बहुत धन्यवाद । हम रहे ना रहे लेकिन देश हमेशा रहेगा । देश हमारे लिये सर्वोपरि है । और देश की सुरक्षा को १७ महीने में जो मजबूती मिली है वो प्रशंसनीय है जो बीते ६० सालो में नहीं हुआ । वो अब हो रहा है ।

Tuesday, 13 October 2015

युवा और बेरोजगारी


जिस देश में युवा ६० फीसदी है इसका मतलब हमारा देश जवान है ये शुभ संकेत है । लेकिन सब को काम भी चाहिए । हमारे देश में बेरोजगारी ज्यादा है | हमारे यहाँ कहावत है कि “उत्तम खेती, मध्यम बान, निषध चाकरी भीख निदान” आजकल यहाँ उल्टा है खेती कोई करना नहीं चाहता और सबको नौकरी चाहिए । स्व रोजगार के लिये पैसे चाहिए वो है नही लोन लो अगर घाटा हो गया तो और परेशानी है । हमारी शिक्षा भी सिर्फ बाबुओ को ही बना सकती है इसके अलावा हमारे देश की आबादी भी बेरोजगारी के लिये जिम्मेदार है । अगस्त १९४७ के बाद काग्रेस पार्टी सबसे ज्यादा सत्ता मे रही लेकिन राजनैतिक इच्छा शक्ति की कमी रही है गरीबी हटाओ के नारे लगे लेकिन गरीबी नहीं हटी और इसका उल्टा हुआ अमीर और अमीर हो रहे है । आबादी पर भी कोई कंट्रोल नही हुआ और कोई विकास नही हुआ जबकि आजादी के समय बोला गया कि बिना अंग्रेजी भाषा के हम विकास नही कर सकते है । और न हमारी सरकार बेरोजगारी को हटा सकी । हमारी राजनैतिक इच्छा शक्ति सिर्फ और सिर्फ आरक्षण जाति के आधार पर दे कर पूरे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है । बड़्ती जन संख्या का भी हम ठीक से इस्तेमाल नही कर सके जैसे आज चीन कर रहा है । और आज भी कई पार्टिया देश हित के कामो मे रुकावट डालती है और लोक सभा तक नहीं चलने दे रहे है । कुछ भी हो आजादी से आज तक समस्याऐ जस की तस है ।

Sunday, 11 October 2015

भारत माँ


भारत माँ को अपने सपूत जवानो पर गर्व है जो सरहद पर २४ घंटे तटस्थ रहते है और दुश्मन की नीद उड़ा के रखते है आज हमारी सेना दुनिया की पाँचवी सबसे खतनाक सेना में से ऐक है । सैनिको को भारत माँ का आशीर्वाद प्राप्त है । सेना के अलावा देश में और भी बहुत सपूत है जिनके वजह से आज देश प्रगति कर रहा है माँ इन सपूतो पर कृपा बनाये रखना । लेकिन भारत माँ बहुत दुखी है कुछ कपूतो से जो अपने कर्तव्यो से विमुख हो अपने पद और गरिमा को भूल कर अनिष्ट कार्यो को और जो देश हित या समाज हित मे नहीं है उसे अपना कर्तव्य समझकर कर रहे है जबकि उनका वो कर्तव्य नहीं है । ये वर्तमान में नहीं है अपितु भविष्य काल की तरफ भाग रहे है ध्यान रहे काठ की हांण्डी चुले पर ऐक बार चड़्ती है दुबारा इसका असतत्व नहीं रहता जैसे जनता का पैसा बेकार में खर्च करना, विकास का विरोध करना, झूठ को सच की तरह फैलाना, हमेशा षडयंत्र करना, वकवास करना, देश भक्तो के पीछे पड़ना, हर बात का विरोध करना, आतंकवादियो का पक्ष लेना, सम्प्रदायिक दंगे भड़काना, अपना घर सभलता नहीं पराये घर में दखलनदाजी, ईमानदारी का ढोग करना और जनता के पैसे से अपनी तनुखा बड़ाना, इनको पता नही कि ये पब्लिक है सब जानती है । भारत माँ बहुत दुखी है इसलिये इन कपूतो का विनाश और अंत निशचित है । अपने विचार (Comment) जरुर व्यक्त करे और रिशेयर करे ।

भूकम्प, विनाश और विकास


प्राकृतिक आपदाये कब आ जाये कुछ कहा नहीं जा सकता वो भी भूकम्प जैसी त्रासदी जिसकी भविष्य वाणी भी नहीं की जा सकती । लेकिन हमे ऐसी प्राकृतिक आपदाओ से निबटने के लिये तैयार रहना बहुत जरुरी है । दिल्ली भारत की राजधानी है ऐसी त्रासदी का कितना सामना कर सकती है ? यहाँ का इनफ्रासट्रक्चर कितना सक्षम है । इतनी घनी आबादी और सकरी गलियाँ, चार मंजिल वाली इमारते रिहायसी इलाके में ज्यादा है । दिल्ली में भूकम्प निरोधक मानको का निर्माण के समय अपनाये गये या नहीं । सरकार को चाहिये कि आर्किटेक्चर से दिल्ली व एन.सी.आर के सभी रिहायशी इलाको की इमारतो की जाँच कराई जाये कि दिल्ली की इमारते कितने भूकम्प के झटके झेल सकती है । इससे हमे पता चलेगा कि हमने कैसा विकास किया है हमारा इनफ्रासट्रक्चर कितना मजबूत है । इसके साथ ही आज दिल्ली में बिल्डर मन माने ढग से फ्लेट घर बना रहे है । सरकार इन बिल्डरों के बानाये घर चेक करवाये और एक सर्टीफिकेट दे कि ठीक-ठाक बना है और बेचने योग्य है । दिल्ली वाले नेता अपनी पार्टी और संसदो की तनुखा बड़ाने में व्यस्त है क्योकि इनके सांसद बहुत ईमानदार है । अगर ऐसा कोई बात आयेगी तो केन्द्र सरकार के उपर ढीगरा फोड़ देगे और पाँच साल है । बाकी तो भगवान भरोसे है । भगवान हम सबको सुरक्षित रखे और प्रभु अपनी कृपा हमेशा बनाये रखना दिल्ली और देश पर । अपने विचार (Comment) जरुर व्यक्त करे और रिशेयर भी करे ।

Saturday, 10 October 2015

श्रीमदभागवत गीता ऐक विलक्षण ग्रन्थ है इसे जरुर पढ़े ।


जीवन में जब भी मौका मिले गीता जरुर पढ़े । श्रीमदभागवत गीता ऐक विलक्षण ग्रन्थ है इस ग्रन्थ गीता में इतनी विलक्षणता है कि अपना वास्तविक कल्याण चाहने वाले किसी वर्ण, आश्रम, देश, सम्प्रदाय, मत आदि का कोई भी मनुष्य क्यो न हो, इस ग्रन्थ को पढ़ते ही उसमें आकृष्ट हो जाता है अगर मनुष्य इस ग्रन्थ का थोड़ा सा भी पठ्न-पाठन करे तो उसको उद्दार के लिये बहुत ही संतोषजनक उपाय मिलते है हरेक दर्शन के लिये अलग-अलग अधिकार होते है पर गीता की यह विलक्षणता है कि अपना भला चाहने वाले सब-के-सब इसके अधिकारी है । गीता का एक अंश प्रस्तुत है । गतासून – के लिये पिण्ड-पानी देना , श्राद्द-तर्पण करना यह कर्तव्य है और अगतासून के लिये व्यवस्था कर देना निर्वाह का प्रबन्ध कर देना – यह कर्तव्य है । कर्तव्य चिन्ता का विषय नहीं होता, प्रत्युत विचार का विषय होता है । विचार से कर्तव्य का बोध होता है । और चिन्ता से विचार नष्ट होता है ।

पक्षियों का संरक्षण


पंक्षी भी प्रकृति का ऐक अभिन्न अंग है । वातावरण दूषित होने के कारण पक्षियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है मनुष्य ने अपने स्वार्थ के लिये विकास के नाम पर प्रकृति का बुरी तरह से दोहन किया है । वनो को काट-काट कर इमारते खड़ी कर दी और खेती की जमीन पर भी होटेल बना दिये गये । नदी, तालाब और कुआँ सबके सब दुषित कर दिये जहाँ पक्षियों का निवास होता है आखिर ये बेजुबान जाये तो कहाँ जाये । हम सबको पक्षियों के बारे में सोचना होगा । मै सभी से अपील करता हूँ कि सभी को पक्षियों के लिये दाना डालना चाहिये दाना छत या खुले में डाले और ऐसे ही पानी भी रखे ३५-४० रु. का पानी का बर्तन आता है । आप और हम इन पर कोई अहसान नही कर रहे ये इनका हक है । ऐसा भाव होना चाहिये आपका और सभी का भला होगा और भला का उल्टा करे तो लाभ होगा ।

Friday, 9 October 2015

कम खाओ गम खाओ


एक कहावत है कि “कम खाओ गम खाओ, न हाकिम के पास न हकीम के पास” इससे अभिप्राय है कि कम खाने से डाक्टर या वैध के पास नहीं जाना पड़ेगा और गुस्सा न करने से थानेदार (पुलिस) के पास नहीं जाना पड़ेगा । दोनो ही मामलो में आपको फायदा ही फायदा है छोटी छोटी बाते है न बड़े काम की ।

बच्चे और बचपन

बच्चे भगवान का रुप होते है । अपना पराया, तेरा मेरा बच्चो के मन में कुछ नहीं होता । बच्चे आग, साँप और बिजली किसी से नहीं डरते । डर से बहुत आगे होते है । बच्चो को जो भी प्यार से बताओगे मान लेते है । बच्चे बहुत मासूम होते है । सबसे बड़ी बात कि बच्चे कही पर भी खेलने लग जाते है । सोते, जागते, भागते, खाना खाते खेलने लग जाते है बच्चो का इनर्जी लेवल बहुत होता है । इसीलिये भागना दौड़्ना, खूब हँसना और खूब खाना और पोटी करना और कुछ बच्चे कही पर भी चल देते है इसलिये बच्चो का ध्यान रखना चाहिये । बच्चो की अच्छी पढाई लिखाई के साथ अच्छे सस्संकार भी सिखाने चाहिये और अपने गाँव, देश और धर्म के बारे में बताना चाहिये साथ ही गीता और रामायण के बारे में भी ज्ञान देना चाहिये । बच्चे शुरुआत में अपने परिवार से ही अच्छी और बुरी चीजे सीखते है और हर बात को बड़े गौर से देखते है । आजकल टी.वी और मोबाइल का जमाना है बच्चे सयाने भी होते है । इस तरह बच्चो को ऐक अच्छा नागरिक बनाये ।

किसान और आत्महत्या

मेरे मन में सवाल उठता है कि हमारे देश का किसान क्यो आत्महत्या करता है ? शायद आपके मन में भी ऐसा सवाल आया होगा । किसान को खेती करना बहुत मंहगा हो गया है । यूरिया खाद और कीटनाशको के दाम आसमान छू रहे है इसी क्रम में खेती में लागत बहुत बड़ गयी है । इन केमिकल खादो और कीटनाशको की वजह से अनाजो और सब्जियो के द्दारा ये जहर हमारे शरीर में जाता है इस जहर की वजह से किसानो और लोगो में भाति-भाति की बीमारियो से ग्रसित हो रहे है । आज से ४०-५० वर्ष पहले गोबर की खाद का इस्तेमाल किया जाता था और गोबर की खाद की वजह से फसल में कोई बीमारी नहीं होती थी और नाही किसी प्रकार का कीटनाशको का इस्तेमाल किया जाता था । किसान और लोग पहलवान हुआ करते थे उस जमाने में हर गाँव में अखाडे हुआ करते थे । आज क्या है ? जबाव है दारु शराब खाने । आज किसान भ्रमित हो गया है यूरिया खाद और कीटनाशको और इन अस्पतालो के कुचक्र झेल रहा है । इसके बाद अगर प्राकृतिक आपदा (बाढ़,ओले,सूखा इत्यादि) आ जाये तो किसान बरबाद हो जाता है । अब किसान को चाहिये कि यूरिया और कीटनाशक मुक्त खेती करे । कृषि के साथ-साथ पशु पालन और साथ में गाय भी पाले । दुध, घी और खोया से पैसे भी कमाये और घर मे भी इस्तेमाल करे । गोबर की खाद खेतो में डाल कर खेती में लागत कम करे और विष मुक्त खेती करे । इससे हमारा किसान कभी भी आत्महत्या की नहीं सोचेगा अगर सोचेगा तो सिर्फ और सिर्फ जीने के लिये । देशी तकनीक से कीटनाशक बनाने की विधि जो कि दुर्गा अनुसंधान केन्द्र, जयपुर ने विकसित की है अगर आपको पता है फिर भी जल्द ही पूरा विवरण दूँगा सबसे बड़ी बात है कि मैने इसको खुद इस्तेमाल किया है बहुत अच्छे परिणाम मिले । सिर्फ मेहनत आपकी होगी गाँव में बनाने से कोई खर्च नही है ।

Thursday, 8 October 2015

डायन मंहगाई से लड़ना होगा


प्याज की पैदावार हमारे देश में लगभग सभी राज्यो में होती है । और इतनी पैदावार होती है कि ६० से ८० रुपये किलो प्याज न बिके । प्याज का मंहगा होना शायद जमाखोरी की वजह से है । आज सब्जिया आसमान छू रही है क्योकि थोक सब्जी मंडी से लोगो तक पहुँचने में ५ से ८ गुना सब्जियो के रेट बड़ जाते है । और प्याज हमारे देश मे हर सब्जी के साथ यूज किया जाता है इसलिये पूरी साल इसकी डिमांड बनी रहती है । ये ग्रीन मसाला और सब्जी भी है और आयुर्वेद में दवा के रुप में भी इसका प्रयोग किया जाता है लोहा इसमे प्रचुर मात्रा मे होता है । जपान में जब कोई वस्तु के दाम अचानक बड़ जाते है । तो वहाँ के लोग उसको खरीदना बंद कर देते है । और जब तक उसके रेट ठीक-ठाक नहीं हो जाते वो नहीं लेते । हमें भी एसे ही करना चाहिए और प्याज की जगह लहसुन का प्रयोग करे दोनो ग्रीन मसाले है और बहुत से गुण एक जैसे है । ये प्रयास जनता को जरुर करना चाहिए और ये जबाव होगा जमाखोरो के लिये । ये मत सोचो ये और वो नही कर रहा आप शुरु तो किजीए आपको इसका परिणाम जरुर मिलेगा । दूसरा तरीका हमे अपनी किचन गार्डन जरुर विकसित करे जिसमें यूरिया खादे इस्तेमाल न करे गोबर की खाद का इस्तेमाल करे और सब्जिया और प्याज लगाये । शहर वाले अगर जमीन है तो ठीक है अन्यथा गमलो में सब्जिया उगाये । इसी तरह अरहर की दाल मंहगी है इसका कारण देश में दालो की पैदावार ना के बराबर है । वैसे जल्दी ही प्याज और दाल के रेट कम होगे क्योकि सरकार ने प्याज और अरहर की दाल आयत की है दोनो भारत पहुँच चुके है एक हफ्ते के अन्दर बाजार मे आ जयेगे । इस तरह से हम सब डायन मंहगाई से दो-दो हाथ कर सकते है ।

दुष्ट संग नही देय विधाता



भारत में आज परिवार विखर चुके है । आज से ४० साल पहले भारत में सब मिल जुल कर रहा करते थे । लेकिन आज कोई मिलकर रहना ही नही चाहता और जो रहना चाहते है उनको परिवार वाले ही रहने नही देते ये हमारे यहाँ बड़ी विडम्बना है गाँवो से शहरो की तरफ ये एक छोटे से कारण की वजह से लोगो का पलायन अभी भी जारी है मेरा अनुभव है कि एक इन्सान को उसी के सगे सम्बन्धी शान्ति से जीने नहीं देते मजबूर कर देते है इतना क्लेश कर देते है कि अन्त में ग्लानी से भर कर मजबूरी में अपने गाँव को त्यागने का फैसला करता है । क्योकि परिवार के साथ एक छत के नीचे हम सब नही रह सकते । कौरव और पांड्वो के बीच जो कारण था शायद वो भी हो सकता है । तुलसीदास जी ने कहा है कि “वरु भल वास नरक कर ताता, दुष्ट संग जनि देइ विधाता”। इसका अर्थ है दुष्ट के साथ रहने की अपेक्षा नरक का वास अ्च्छा है । इसी सम्बन्ध मे तुलसीदास जी कहते है “जहाँ सुमति तहँ सम्पति नाना, जहाँ कुमति तहँ विपति निदाना” अर्थ – सुबुद्दि नाना प्रकार की सम्पत्ति और कुबुद्दि अनेक विपत्तियों की खान है । अब हर कोई अपने परिवार के साथ महाभारत तो कर नही सकता । इसलिये हम सम्बन्ध विच्छेद कर सकते है ।

योग और मनुष्य

विकासशील भारत आज विकसित देशो की श्रेणी में जाने को आतुर है । और क्यो न हो आज हमारी भारत सरकार दिन रात काम कर रही है । योगा आज हमारी जरुरत है अगर हमे स्वस्थ रहना है तो सुबह सुबह खुली हवा में ऐक घंटा योगा जरुर करे । अगर कोई साथी न मिले तो सुबह पाँच बजे से आस्था टी.वी चैनल पर देखकर करे । अगर आपको कोई बीमारी नहीं है तो आप ऐक घंटे रोज योगा करे तो आप स्वस्थ रहेगे कोई भी बीमारी आपके पास नही आयेगी । लेकिन अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित है तो कपाल भाती और अनलोम विलोम आधा-आधा घंटा सुबह और शाम को करे । कुछ ही दिनो में सुधार नजर आयेगा । योगा द्दारा हमारे शरीर के हर अंग को भरपूर मात्रा में प्राण वायु मिलती है । इस तरह से योगा शरीर के सिस्टम को ठीक करता है और शरीर की रोग प्रति रोधक क्षमता को बड़ाता है इस वजह से हमारा शरीर स्वस्थ और निरोगी हो जाता है । और इसके अलावा मनुष्य में बहुत परिवर्तन आते है जैसे मनुष्य दयालू, इमानदार और कर्मठी हो जाता है ।

Wednesday, 7 October 2015

दादरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना


दादरी में जो कुछ हुआ वह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है हम सब इसकी भर्तसना करते है । अब यू.पी सरकार को चाहिए कि भविष्य में एसी घटनाओ की पुनरावृत्ति न हो एसे कड़े कदम उठाये जाये । और एसा माहोल तैयार किया जाय कि सभी लोग मिल-जुल कर आपस में रहे । इसके अलावा दोषियो को किसी भी कीमत पर छोड़ा न जाय । जो हुआ गलत हुआ लेकिन अब जो हमारे कुछ नेता जिनको आज पूरा भारत जानता है वो अपनी राजनीत कर रहे है । खुद की पार्टी सभलती नही, दिल्ली में जो वादे किये थे उनका क्या हुआ ? चुनावी घोषणा पत्र में विधायको की तनुखाह बड़ाने की आपने कोई बात नही की थी और वो आप तिगुनी तनुखाह बड़ा रहे है । नाही आजकल दिल्ली वालो से कोई मसले पर फैसला लेने से पहले पूछते भी नही । सी. एम साहब दिल्ली सम्भालो और दादरी के लिये यू.पी के सी. एम साहब है ना सब सम्भाल लेगे । भगवान से कामना करता हूँ कि हिन्दू, मुस्लिम, सिख और इसाई हम सब भारतवासी आपस में मिल-जुल कर प्यार से रहे । घुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम, सीताराम सीताराम, भज प्यारे तू सीताराम, ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सब को सन्मति दे भगवान |

बचत और निवेश



आज के युग में अर्थ (धन) के बिना जीवन की कल्पना करना एक साधारण इन्सान के लिये अंसम्भव है । मनुष्य को अपने परिवार का पोषण करने के लिये धन चाहिए । अपने वर्तमान और भविष्य के लिए अगर सुचार रुप से चले उसके लिये धन चाहिए । भविष्य के लिए धन की बचत जिन्दगी मे जितनी जल्दी की जाये उतना ही ज्यादा उस बचत का निवेश करने पर आपको फायदा होगा । हम कोइ व्यापार करते हो या जोब करते हो या कोइ दुकान चलाते हो । पैसा बचाने के लिये जरुरी है कि आप फिजूल खर्चा ना करे जैसे आफिस या जोब पर या कही पर जाने के लिये अपनी गाड़ी (कार) का इस्तेमाल न करें अगर आपका स्थान नजदीक है तो पैदल जाये अन्यथा साईकिल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करे । इससे आपके कम से कम १००० रु. अवश्य बचेगे वैसे तो ज्यादा बचेगे। दोस्तो दिखावा न करे नाही शेखी वघारे इससे आपका तो नुकसान है ही लेकिन औरो का भी नुकसान होगा । खैर इसके अलावा बीड़ी, सिगरेट, पान, गुटखा, तम्बाकू और शराब लेते है तो इन्हें छोड़े । इससे आपके ५०० रु. जरुर बचेगे । घर में फालतू बिजली न जलाये और साथ ही ज्यादा पानी बरबाद न करे । गैस का इस्तेमाल विवेक पूर्ण करे । जैसे दाल और चावल कुकर में एक साथ पकाया जा सकता है । दाल, चावल, राजमा और सबूत चना बनाने से एक घंटे पहले पानी में भिगो दे इस तरह आपके कम से कम १००० रु आराम से बच जायेगे, ये बचत एक माह की है । इसी तरह आप और बहुत से तरीके है उनसे आप पैसे बचा सकते है । थोड़ा खाये शुद्द खाये आज के जमाने में मिलावट के जहर से बचे । बाबा रामदेव के पतंजलि के सामान का इस्तेमाल करे बिलकुल शुद्द है । इस तरह् से फिजूल खर्च को रोक कर आने जाने का पैसा बचा सकते है और साथ ही ओफर है आप का स्वास्थय ठीक रहेगा, लोग और आप जाम से बचेगे, दूषित वातावरण से बचेगे । दूसरा गलत आदतो से (शराब आदि) बचेगे तो गन्दगी और बीमारी से बचेगे । बिजली, पानी और गैस के सही इस्तेमाल से ५०% तक बचत होगी । अब सवाल है निवेश कहाँ करे ? जैसे छोटी-छोटी बचत है वैसे ही निवेश होगा । आप पोस्ट आफिस मे निवेश करे । Mutual Fund में सिप के साथ निवेश करे । प्रोविडेंट फंड मे निवेश कर सकते है । बैक में एफ.डी करवा सकते है । हर महीने जैसी आपकी क्षमता हो उतना निवेश करे । अधिक जानकारी के लिये CNBC आवाज, Zee Business और Z News TV Channel जरुर देखे । अगर मुझसे कोई जानकारी चाहिए तो सम्पर्क Email – narendra1165@gmail.com करे । दोस्तो मै कोई किसी का एजेंट या सदस्य नही हूँ मेरा उदेश्य सिर्फ और सिर्फ सही राह बताना है ।

बलात्कारों का जिम्मेवार कौन ?


आज हमारे समाज में लोगो की सोच बहुत ही छोटी और ओछी हो गयी है । आये दिन अखबार और टीवी पर यहाँ बलात्कार हो गया, वहाँ लड़की के साथ सामुहिक बलात्कार हुआ । बस में, ट्रेन में, भीड़ वाले बाजार में महिलाओ से छेड़-छाड़ की घटनाये बहुत होती है । अगर हम सोचे कि वजह क्या है ? सबसे बड़ी वजह हमारे समाज की सोच छोटी और ओछी हो गयी है । कहा जाता है कि “जैसा खाओगे अन्न वैसा होगा मन्न” हमारा आहार तामसी व मिलावटी हो गया है । इसके अलावा हमारी जीवन शैली बहुत खुले या संकीर्ण विचारो वाली हो गयी है । इसका एक कारण बेरोजगारी भी हो सकती है । एक कहावत है “खाली दिमाक शैतान का घर होता है” दूसरा पैसे का नशा भी हो सकता है । तीसरा समाज में लड़को या पुरुषो पर किसी का नियन्त्रण न होना । और सबसे बड़ा कारण कड़े कानूनो का अभाव और जो वर्तमान मे है वो आरोपी को बचाने और खुले घुमो बेटा वाले है और ये ही समाज, बेटी और महिलाओ पर आरोप मड़ देते है । ३०-४० साल बाद फैसला आना और तो और इस हमारे सिस्टम में हर चीज खरीदी जाती है जिसकी खरीद फरोख नही होनी चाहिए । लेकिन होती है खैर आशावादी बनो सब ठीक हो जयेगा कोशिश करो बेकार नहीं जायेगी । सोच बदलो समाज बदलो ।

Tuesday, 6 October 2015

खाने पीने की चीजो में मिलावट


आज हमारे देश में खाने पीने की चीजो में मिलावट अपनी चर्म सीमा पर है । दूध में मिलावट ही नही पूरा का पूरा दूध ही नकली, मिठाइयो में, पनीर में मिलावट, खोया में मिलावट, घी में मिलावट, सब्जियो, फलो में जहर की मिलावट, इस इन्सान ने प्रकृति में जहर घोल दिया है बताओ लोकी में इंजेक्शन लगाकर रातो रात लम्बी चौड़ी लोकी हो जाती है । सभी सब्जियो में जहरीले केमिकल जो खाद या अन्य केमिकल   छिड़के जाते है ।  सब्जियो   या  फलो  के द्दारा हमारे  शरीर में कई तरह की   बीमारी   करते है । इसी तरह दालो और आनाजो  में खाद  या  कीड़े मारने की दवा (पेस्टीसाइड) जो प्रयोग में लाये जाते है वो फल, सब्जियो, दूध और आनाजो के प्रयोग से मानव शरीर में आज भयंकर बीमारी हो रही है । मासाहारी का भी और बुरा हाल है एक मुर्गा या मुर्गी ४० दिन में बड़ी होती है लेकिन ओक्सीटोसिन नामक इनजेक्शन लगा कर उसको २० दिन में ही बड़ा कर दिया जाता है ऐसा गोस्त खाने से दिल की बीमारी, केन्सर व अन्य कई तरह की बीमारी पैदा होती है बच्चो में मोटापा बड़ता है । इसको समय रहते न रोका गया तो ये अपना विकराल रुप ले सकता है कड़े कानूनो के अलावा जनता में जागरुकता जरुरी है साथ ही अधिक पैसे कमाने के चक्कर में हमने अपने इमान को बेच दिया । नकली दूध बेचने वाला वो दूध अपने बच्चे को नही पिला सकता और वही दूध वाला दूसरो के बच्चो को वो दूध बेच देता है इसका भला कैसे हो सकता है कितने लोग स्वार्थी है । इस देश में लालची लोगो की भरमार है । भगवान ऐसे लालची लोगो को सद बुद्दी दे |

विकास और भाष

विकास और उन्नति आज जरुरत है भारत की, विकास चौतरफा होना चाहिए । हिन्दोस्तान का कोई भी कोना छूट न जाये एक मुहल्ला या कहे ढाँड़ी या कहे टोला से ले कर छोटे और बड़े कस्बे में विकास होना जरुरी है । तभी मेरा  भारत महाशक्ति बनेगा वैसे इस राह पर चल पड़ा  है । आप कहेगे कि विकास  और  भाषा  का  क्या  सम्बन्ध ? मै आपको आगे यह  समझाने की कोशिश करता हूँ । आज हमारे देश मे अंग्रेजी में कार्य होता है लेकिन हमारे भारतवासी अंग्रेजी को नही समझते है और ना ही लिख और पढ़ सकते है । एक गाँव का सीधा साधा इन्सान डाक्टर के पास जाता है दवाई अंग्रेजी भाषा में लिखी होती उसको कुछ समझ में नही आता इसी कारण उसका शोषण होता है ज्यादा पैसे वसूले जाते भाषा के कारण कितना शोषण होता है आप सबो को पता है । इससे बाद जाता है न्यायालय (कोर्ट) में जाता है तो वहाँ भी सब कुछ अंग्रेजी भाषा में होता एक साधारण इन्सान कुछ नही समझता जहाँ बताते है वहाँ हस्ताक्षर (साइन) कर देता है और अपनी जमीन और गहने तक गिरवी (Mortegage) रख कर वकील को खर्च अदा करता है फिर भी फैसला ठीक नही होता उसके साथ गलत हो जाता है यहाँ भी उसका शोषण होता है । कहने का मतलब दूसरे मुल्क की थोपी गयी भाषा मे विकास नही हो सकता, होगा तो आधा अधूरा । अजाद होते ही हिन्दी क्यो और किसने लागू नही की, मै इस झंझट में नही पड़ना चाहता मै इसे एक समस्या मानता हूँ । और भाषा की वजह से हमारे किसानो और मजदूरो में जागरुकता विकसित नही हो पाती और आज भी भारत मे भाषा की वजह से शोषण और भ्रष्टाचार हर डिपार्ट्मेंट मे जिवित है । एक छात्र को उसकी योग्यता के अनुसार नौकरी नहीं मिलती क्योकि वह फर्राटेदार अंग्रेजी नहीं बोल पाता और उसका इस तरह शोषण होता है यहाँ पर भी हकीकत आप सब जानते है । जपान, अमेरिका और चीन जैसे देशो ने जो विकास किया है वो अपनी भाषा में किया है ये देश उदाहरण है विकास में भाषा के योगदान के ।  इसी बजह से हमे विकास करने में साठ साल से जयादा समय लग गया खैर अब हम इस राह पर चल पड़े है । जय हिन्द  

स्त्री का सम्मान


जिस परिवार में, जिस गाँव मे, जिस शहर मे, जिस राज्य में और जिस देश में स्त्री (women) का सम्मान नही होता वो देश व समाज कभी उन्नति नहीं कर सकता है । आज के आधुनिक युग में बेटिया हर क्षेत्र मे पुरुष के साथ कन्धे से कन्धा मिला कर चल रही है एक बेटी अगर पढ़ी लिखी होगी तो दो परिवारो का उद्दार होता है । अगर सब भारत की बेटिया पढ़ी लिखी होगी तो पूरे भारत परिवार का उद्दार हो जायेगा इसी क्रम में भारत सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी  पढ़ाओ योजना का आरम्भ किया है । हमारे देश में पुरुषो के मुकाबले स्त्रीयो का अनुपात कम हो रहा है । जो कि चिन्ता का विषय है और ये पूरे समाज का दायित्व बनता है कि बेटियो को भी बेटो की तरह ही उच्च शिक्षा दे और  एक  उच्च श्रेणी  का नागरिक बनाये । 

Monday, 5 October 2015

अच्छे मात-पिता बने


एक अच्छे नागरिक के साथ-साथ हमे अच्छे माता-पिता भी होना चाहिए कहते है कि माता-पिता के अच्छे और बुरे कर्मो का सीधा प्रभाव संतान पर पड़्ता है । अगर माता पिता ने समाज में दूसरे के घर बिगाड़े है, दूसरो के साथ छल और धोखा किया है, किसी की जमीन हड़पी है या किसी पराई स्त्री से उल्टा पुलटा किया है या किसी के घर में आग लगायी है किसी के बच्चे बिगाड़े है किसी को विष दे कर हत्या की है। इन सबका परिणाम उसकी संतान को भुगतना पड़ता है वो भी इसी जगत में दण्ड रुप में सजा मिलेगी कोई कही स्वर्ग और नरक नही है सब इसी जन्म में और इसी योनी और इसी जगत में ब्याज सहित मिलेगा । आप देखिये समाज में आपके आस-पास ऐसे बहुत उदाहरण मिल जायेगे । इस दुनिया मे “जो जैसा बोता है वो वैसा ही काटता है” इसके विपरीत जिन माता पिता ने अच्छे कर्म किये है तो उनकी संतानो को सुखद व उन्नतिशील परिणाम मिलते है । सबका भला हो और भगवान सबको सद बुद्दि दे सब सुखी रहे इसी कामना के साथ शुभ रात्रि ।

वृक्ष और हम में जिद्दी कौन ?


प्रकृति और वृक्ष दोनो का सम्बन्ध बहुत प्रगाण है वृक्षो के बिना प्रकृति की कल्पना करना शायद मुश्किल होगा मैने देखा है कि वृक्ष स्वभाव से बहुत जिद्दी होते है जिद्दी होना सफलता की ओर अग्रसर करता है वैसे ही वृक्ष को तोड़ दोगे फिर भी बड़ा हो (grow) जायेगा अगर पूरा काट दोगे थोड़ तना या अंश बचेगा तो दुबारा बड़ा हो जायेगा और अगर पेड़-पौधो को जानवर नष्ट कर देगे तो भी अपने असतत्व को जरुर दिखायेगा ऐसा प्रतीत होता है कि पेड़-पौधो ने प्रकृति और पृथ्वी को  हरा भरा  करने की   सोगंध  ले  रखी है   कि हम (पेड़-पौधे) इस पृथ्वी को हरा भरा रखने के  साथ-साथ शुद्द वातावरण करके ही रहेगे चाहे मनुष्यो आप लोग, हमे (पेड़-पौधो) को  कितना  ही काटो, आपको बता दे कि सारे मनुष्य एक जैसे नहीं होते 40 फीसदी   मनुष्य आपको  बहुत  प्यार करते है घर के  नक्शे  बदली  कर  देते है लेकिन पेड़-पौधो को कभी नही काटते है मेरी आप सभी से अपील है कि हम सभी को अपने जन्म दिन के शुभ अवसर पर एक वृक्ष जरुर लगाये और जगह हो तो गमला मे कोई भी पेड़-पौधा लगा सकते है जिनके पास दो पहिया वाहन है उसे दो वृक्ष लगाने चाहिए एक बरगद और दूसरा पीपल का जिनके पास चार पहिया वाहन है उसे पाँच वृक्ष (बरगद, पीपल, गूलर, पाकड़ और नीम) लगाने चाहिए ये वृक्ष वातावरण को पर्याप्त मात्रा मे प्राण वायु और पंक्षियो का भोजन उनके घर यानी घोसले का इन्तजाम जानवरो और मनुष्यो को छाया प्रदान करते है हमे अपने पर्यावरण के संरक्षण करना चाहिए हमे गमलो मे तुलसी,गिलोय और ऐलोवेरा जरुर लगाना चाहिए क्योकि इनके सेवन से (Pro-active) हम सभी डेंगु, मलेरिया बुखार (वायरल) होगा ही नहीं हम सभी को प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए ताकि हमारी पृथ्वी और समाज दोनो स्वस्थ रहे मेरा पुनः आप सबो से अनुरोध है कि हम सभी वृक्षारोपण करके प्रकृति को बचाये और वृक्षो को काटे नहीं ताकि वो जिद्दी बने ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाओ और पृथ्वी बचाओ