Tuesday, 6 October 2015

विकास और भाष

विकास और उन्नति आज जरुरत है भारत की, विकास चौतरफा होना चाहिए । हिन्दोस्तान का कोई भी कोना छूट न जाये एक मुहल्ला या कहे ढाँड़ी या कहे टोला से ले कर छोटे और बड़े कस्बे में विकास होना जरुरी है । तभी मेरा  भारत महाशक्ति बनेगा वैसे इस राह पर चल पड़ा  है । आप कहेगे कि विकास  और  भाषा  का  क्या  सम्बन्ध ? मै आपको आगे यह  समझाने की कोशिश करता हूँ । आज हमारे देश मे अंग्रेजी में कार्य होता है लेकिन हमारे भारतवासी अंग्रेजी को नही समझते है और ना ही लिख और पढ़ सकते है । एक गाँव का सीधा साधा इन्सान डाक्टर के पास जाता है दवाई अंग्रेजी भाषा में लिखी होती उसको कुछ समझ में नही आता इसी कारण उसका शोषण होता है ज्यादा पैसे वसूले जाते भाषा के कारण कितना शोषण होता है आप सबो को पता है । इससे बाद जाता है न्यायालय (कोर्ट) में जाता है तो वहाँ भी सब कुछ अंग्रेजी भाषा में होता एक साधारण इन्सान कुछ नही समझता जहाँ बताते है वहाँ हस्ताक्षर (साइन) कर देता है और अपनी जमीन और गहने तक गिरवी (Mortegage) रख कर वकील को खर्च अदा करता है फिर भी फैसला ठीक नही होता उसके साथ गलत हो जाता है यहाँ भी उसका शोषण होता है । कहने का मतलब दूसरे मुल्क की थोपी गयी भाषा मे विकास नही हो सकता, होगा तो आधा अधूरा । अजाद होते ही हिन्दी क्यो और किसने लागू नही की, मै इस झंझट में नही पड़ना चाहता मै इसे एक समस्या मानता हूँ । और भाषा की वजह से हमारे किसानो और मजदूरो में जागरुकता विकसित नही हो पाती और आज भी भारत मे भाषा की वजह से शोषण और भ्रष्टाचार हर डिपार्ट्मेंट मे जिवित है । एक छात्र को उसकी योग्यता के अनुसार नौकरी नहीं मिलती क्योकि वह फर्राटेदार अंग्रेजी नहीं बोल पाता और उसका इस तरह शोषण होता है यहाँ पर भी हकीकत आप सब जानते है । जपान, अमेरिका और चीन जैसे देशो ने जो विकास किया है वो अपनी भाषा में किया है ये देश उदाहरण है विकास में भाषा के योगदान के ।  इसी बजह से हमे विकास करने में साठ साल से जयादा समय लग गया खैर अब हम इस राह पर चल पड़े है । जय हिन्द  

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