Sunday, 4 October 2015




भारतीय शहरो की जिन्दगी बड़ी व्यस्त है इस भाग दौड़ भरी जिन्दगी में समय का अभाव है क्योकि ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने की लालसा चाहे किसी भी तरीके से कमाये जाये और पूरी शानो शोकत के साथ हम दिखावा अमेरिका और आस्ट्रेलिया जैसा करेगे । ऐक दो गाड़ी, डोगी, हर चीज महँगी और विदेशी साथ में भाषा भी विदेशी । असल बात ये है कि हम अपने संस्कार् और अपने देश की आवो-हवा भूलकर हमने अपना ही विनाश किया है । परन्तु आज अमेरिका और आस्ट्रेलिया दिखावा न करके अपनी भाषा का सम्मान करते हुये आज विकसित देशो की श्रेणी में है । आज हमारे शहरो में गंदगी, जाम की समस्या, दूषित वातावरण इन सब समस्याओ का जिम्मेदार कौन स्पष्टतः हम सब है । लेकिन अगर अवलोकन करे तो देखने में आता है कि हम सब लोग जो भी इनमे से अमेरिका या आस्ट्रेलिया जाते है तो वहाँ क्यो गन्दगी नहीं करते । क्योकि वहाँ (अमेरिका आस्ट्रेलिया) आपने रोड पर थूक दिया तो भी चालान कट जायेगा । अगर आप अपने डोग को पोटी करवा के बिना साफ करे नहीं निकल सकते आपका चालान जरुर कटेगा । दोस्तो, रेट लिस्ट मुझे पता नही लगभग २००० से ५००० हजार रुपये जरुर लगेगा । इसी तरह प्रदूषण और जाम की समस्या हमने खुद पैदा की है दो-दो गाड़िया होगी । भाई पब्लिक ट्रास्पोर्ट युस करे या कार पूल करे अगर आफिस नजदीक है तो साईकिल को युस करे । इससे आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी, समय और पैसे की बचत होगी और साफ वातावरण होगा इसके अलावा देश पर आयत का बोझ कम होगा और आयत का बोझ कम होने विदेशी मुद्रा बचेगी । ये सब सत्य है लेकिन सब भगवान भरोसे ।

जिन देशो ने अपनी भाषा अपनायी और भाषा को सम्मान दिया जैसे चीन हम से दो साल बाद 1949 मे आजाद हुआ था आज वो कहाँ है किसी को बताने की आवश्यकता नही है । और जापान छोटा सा देश लेकिन पूर्ण रुप से विकसित देशो की श्रेणी में है | जापान के नागरिक बहुत ही राष्ट्र भक्त होते है । 2011 मे सुनामी और भूकम्प की त्रासदी खुद अकेले ही झेली किसी के आगे हाथ नही फैलाये और देखिये देश भक्ती की मिशाल भारत या और देशो के नागरिक उस त्रासदी के समय होटल में ठहरे थे उनसे कोई पैसा नही लिया वहाँ के होटेल मालिको ने उनको सुरक्षित उनके देश भेजा इसे कहते है देश भक्ति । ये ही भारत मे होता तो ……. आप सबो ने देखा है कि यहाँ “बाप बड़ा ना भईया सबसे बड़ा रुपईया” और तो और ये तो बच्चो की डेड बोडी तक नहीं देते जब तक पूरा रुपया न मिल जाय। खैर हमने अपनी भाषा का ही सम्मान नही किया । हम अंग्रेजी बोल कर अपने आप को तीस मारखाँ समझते रहे ।

आज हमे आवश्यकता है कि हम इन सब समस्याओ पर गहन मंथन करे और एक राजनैतिक इच्छा शक्ति के साथ नागरिको के सहयोग से आज जरुरत है कि हम कड़े नियम और कानून बनाये और इन सबो को डिजिटल INDIA के साथ जोड़े और स्वच्छ भारत अभियान में विदेशो की तरह चालान (Challan or Fine) की व्यवस्था करे और इसको तुरन्त लागू करना चाहिए । ऐसा करने से देश में जो फाइन द्दारा पैसा एकत्र हो उसको देश के ही विकास मे लगाया जाये । मोदी जी की सरकार से मुझे आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि आप इस काम को जरुर करेगे । यहाँ में जरुर कहूँगा कि मौजूदा हमारी भारत सरकार शत प्रतिशत अपना काम पूरा कर रही है और मोदीजी की सरकार से हमे बहुत आशाये है । भगवान इस सरकार को ढेर सारी शक्तियाँ दे और हमारे प्रधान मंत्री जी को इस जगत का सबसे सर्व श्रेष्ठ और शक्तिशाली प्रधान मंत्री बनाये जिससे हमारा भारत दुबारा विश्व गुरु बने ऐसी मै भगवान से प्रार्थना करता हूँ ।

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