जिस देश में युवा ६० फीसदी है इसका मतलब हमारा देश जवान है ये शुभ संकेत है । लेकिन सब को काम भी चाहिए । हमारे देश में बेरोजगारी ज्यादा है | हमारे यहाँ कहावत है कि “उत्तम खेती, मध्यम बान, निषध चाकरी भीख निदान” आजकल यहाँ उल्टा है खेती कोई करना नहीं चाहता और सबको नौकरी चाहिए । स्व रोजगार के लिये पैसे चाहिए वो है नही लोन लो अगर घाटा हो गया तो और परेशानी है । हमारी शिक्षा भी सिर्फ बाबुओ को ही बना सकती है इसके अलावा हमारे देश की आबादी भी बेरोजगारी के लिये जिम्मेदार है । अगस्त १९४७ के बाद काग्रेस पार्टी सबसे ज्यादा सत्ता मे रही लेकिन राजनैतिक इच्छा शक्ति की कमी रही है गरीबी हटाओ के नारे लगे लेकिन गरीबी नहीं हटी और इसका उल्टा हुआ अमीर और अमीर हो रहे है । आबादी पर भी कोई कंट्रोल नही हुआ और कोई विकास नही हुआ जबकि आजादी के समय बोला गया कि बिना अंग्रेजी भाषा के हम विकास नही कर सकते है । और न हमारी सरकार बेरोजगारी को हटा सकी । हमारी राजनैतिक इच्छा शक्ति सिर्फ और सिर्फ आरक्षण जाति के आधार पर दे कर पूरे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है । बड़्ती जन संख्या का भी हम ठीक से इस्तेमाल नही कर सके जैसे आज चीन कर रहा है । और आज भी कई पार्टिया देश हित के कामो मे रुकावट डालती है और लोक सभा तक नहीं चलने दे रहे है । कुछ भी हो आजादी से आज तक समस्याऐ जस की तस है ।
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