Sunday, 11 October 2015

भूकम्प, विनाश और विकास


प्राकृतिक आपदाये कब आ जाये कुछ कहा नहीं जा सकता वो भी भूकम्प जैसी त्रासदी जिसकी भविष्य वाणी भी नहीं की जा सकती । लेकिन हमे ऐसी प्राकृतिक आपदाओ से निबटने के लिये तैयार रहना बहुत जरुरी है । दिल्ली भारत की राजधानी है ऐसी त्रासदी का कितना सामना कर सकती है ? यहाँ का इनफ्रासट्रक्चर कितना सक्षम है । इतनी घनी आबादी और सकरी गलियाँ, चार मंजिल वाली इमारते रिहायसी इलाके में ज्यादा है । दिल्ली में भूकम्प निरोधक मानको का निर्माण के समय अपनाये गये या नहीं । सरकार को चाहिये कि आर्किटेक्चर से दिल्ली व एन.सी.आर के सभी रिहायशी इलाको की इमारतो की जाँच कराई जाये कि दिल्ली की इमारते कितने भूकम्प के झटके झेल सकती है । इससे हमे पता चलेगा कि हमने कैसा विकास किया है हमारा इनफ्रासट्रक्चर कितना मजबूत है । इसके साथ ही आज दिल्ली में बिल्डर मन माने ढग से फ्लेट घर बना रहे है । सरकार इन बिल्डरों के बानाये घर चेक करवाये और एक सर्टीफिकेट दे कि ठीक-ठाक बना है और बेचने योग्य है । दिल्ली वाले नेता अपनी पार्टी और संसदो की तनुखा बड़ाने में व्यस्त है क्योकि इनके सांसद बहुत ईमानदार है । अगर ऐसा कोई बात आयेगी तो केन्द्र सरकार के उपर ढीगरा फोड़ देगे और पाँच साल है । बाकी तो भगवान भरोसे है । भगवान हम सबको सुरक्षित रखे और प्रभु अपनी कृपा हमेशा बनाये रखना दिल्ली और देश पर । अपने विचार (Comment) जरुर व्यक्त करे और रिशेयर भी करे ।

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