Wednesday, 21 October 2015

गीता ज्ञान


परमशक्ति भगवान ने जीव को जो स्वतन्त्रता दी है । उसका दुरुपयोग करने से ही जन्म मरण हो रहा है । मिली हुई स्वतन्त्रता का सदुपयोग करने से जन्म-मरण मिट जायेगा । अपनी जानकारी का अनादर करने से जन्म मरण हुआ है । भगवान से विमुख होने से जन्म मरण हुआ और भगवान के सम्मुख होने से जन्म मरण मिट जायेगा । अनादर करने का तात्यपर्य कि हम जितना जानते है उसके अनुसार कार्य न करना जैसे सत्य बोलना ठीक है झूठ बोलना ठीक नहीं है जानते हुए स्वार्थ के लिये झूठ बोल देते है

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