प्रकृति और वृक्ष दोनो का सम्बन्ध बहुत प्रगाण है । वृक्षो के बिना प्रकृति की कल्पना करना शायद मुश्किल होगा । मैने देखा है कि वृक्ष स्वभाव से बहुत जिद्दी होते है । जिद्दी होना सफलता की ओर अग्रसर करता है । वैसे ही वृक्ष को तोड़ दोगे फिर भी बड़ा हो
(grow) जायेगा अगर पूरा काट दोगे थोड़ तना या अंश बचेगा तो दुबारा बड़ा हो जायेगा और अगर पेड़-पौधो को जानवर नष्ट कर देगे तो भी अपने असतत्व को जरुर दिखायेगा । ऐसा प्रतीत होता है कि पेड़-पौधो ने प्रकृति और पृथ्वी को हरा भरा करने की सोगंध ले रखी है कि हम (पेड़-पौधे) इस पृथ्वी को हरा भरा रखने के साथ-साथ शुद्द वातावरण करके ही रहेगे चाहे मनुष्यो आप लोग, हमे (पेड़-पौधो) को कितना ही काटो, आपको बता दे कि सारे मनुष्य एक जैसे नहीं होते 40
फीसदी मनुष्य आपको बहुत प्यार करते है । घर के
नक्शे
बदली
कर
देते है । लेकिन पेड़-पौधो को कभी नही काटते है । मेरी आप सभी से अपील है कि हम सभी को अपने जन्म दिन के शुभ अवसर पर एक वृक्ष जरुर लगाये और जगह न हो तो गमला मे कोई भी पेड़-पौधा लगा सकते है । जिनके पास दो पहिया वाहन है उसे दो वृक्ष लगाने चाहिए । एक बरगद और दूसरा पीपल का । जिनके पास चार पहिया वाहन है उसे पाँच वृक्ष (बरगद, पीपल, गूलर, पाकड़ और नीम) लगाने चाहिए । ये वृक्ष वातावरण को पर्याप्त मात्रा मे प्राण वायु और पंक्षियो का भोजन व उनके घर यानी घोसले का इन्तजाम व जानवरो और मनुष्यो को छाया प्रदान करते है हमे अपने पर्यावरण के संरक्षण करना चाहिए । हमे गमलो मे तुलसी,गिलोय और ऐलोवेरा जरुर लगाना चाहिए क्योकि इनके सेवन से
(Pro-active) हम सभी डेंगु, मलेरिया व बुखार (वायरल) होगा ही नहीं । हम सभी को प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए ताकि हमारी पृथ्वी और समाज दोनो स्वस्थ रहे । मेरा पुनः आप सबो से अनुरोध है कि हम सभी वृक्षारोपण करके प्रकृति को बचाये और वृक्षो को काटे नहीं ताकि वो जिद्दी न बने । ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाओ और पृथ्वी बचाओ ।
No comments:
Post a Comment