Monday, 5 October 2015

वृक्ष और हम में जिद्दी कौन ?


प्रकृति और वृक्ष दोनो का सम्बन्ध बहुत प्रगाण है वृक्षो के बिना प्रकृति की कल्पना करना शायद मुश्किल होगा मैने देखा है कि वृक्ष स्वभाव से बहुत जिद्दी होते है जिद्दी होना सफलता की ओर अग्रसर करता है वैसे ही वृक्ष को तोड़ दोगे फिर भी बड़ा हो (grow) जायेगा अगर पूरा काट दोगे थोड़ तना या अंश बचेगा तो दुबारा बड़ा हो जायेगा और अगर पेड़-पौधो को जानवर नष्ट कर देगे तो भी अपने असतत्व को जरुर दिखायेगा ऐसा प्रतीत होता है कि पेड़-पौधो ने प्रकृति और पृथ्वी को  हरा भरा  करने की   सोगंध  ले  रखी है   कि हम (पेड़-पौधे) इस पृथ्वी को हरा भरा रखने के  साथ-साथ शुद्द वातावरण करके ही रहेगे चाहे मनुष्यो आप लोग, हमे (पेड़-पौधो) को  कितना  ही काटो, आपको बता दे कि सारे मनुष्य एक जैसे नहीं होते 40 फीसदी   मनुष्य आपको  बहुत  प्यार करते है घर के  नक्शे  बदली  कर  देते है लेकिन पेड़-पौधो को कभी नही काटते है मेरी आप सभी से अपील है कि हम सभी को अपने जन्म दिन के शुभ अवसर पर एक वृक्ष जरुर लगाये और जगह हो तो गमला मे कोई भी पेड़-पौधा लगा सकते है जिनके पास दो पहिया वाहन है उसे दो वृक्ष लगाने चाहिए एक बरगद और दूसरा पीपल का जिनके पास चार पहिया वाहन है उसे पाँच वृक्ष (बरगद, पीपल, गूलर, पाकड़ और नीम) लगाने चाहिए ये वृक्ष वातावरण को पर्याप्त मात्रा मे प्राण वायु और पंक्षियो का भोजन उनके घर यानी घोसले का इन्तजाम जानवरो और मनुष्यो को छाया प्रदान करते है हमे अपने पर्यावरण के संरक्षण करना चाहिए हमे गमलो मे तुलसी,गिलोय और ऐलोवेरा जरुर लगाना चाहिए क्योकि इनके सेवन से (Pro-active) हम सभी डेंगु, मलेरिया बुखार (वायरल) होगा ही नहीं हम सभी को प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए ताकि हमारी पृथ्वी और समाज दोनो स्वस्थ रहे मेरा पुनः आप सबो से अनुरोध है कि हम सभी वृक्षारोपण करके प्रकृति को बचाये और वृक्षो को काटे नहीं ताकि वो जिद्दी बने ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाओ और पृथ्वी बचाओ


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