Friday, 11 December 2015

क्या ये बदले की भावना नही थी ? राहुल गाँधी कहाँ थे ?





सोनिया जी , आप की सरकार ने मुझ पर जो एक ही दिन में 150 से ज्यादा केस किये थे वो किस भावना के तहत किये थे : बाबा रामदेव
‪#‎हेराल्ड_केस

अदालत का गुस्सा संसद पर उतारने से कांग्रेस को क्या फायदा होगा? बल्कि नुकसान होगा। सारे देश में फिजूल बदनामी होगी। बोफोर्स के दाग अभी तक धुले नहीं हैं। अब देश के बच्चे-बच्चे कोनेशनल हेरल्डकेघपलेका पता चल जाएगा। यदि कांग्रेस यह धींगामस्ती नहीं करती और मां-बेटा गरिमामय ढंग से अपना मुकदमा लड़ते तो शायद वे जीत जाते। यह बात और भी बेतुकी है कि सुब्रमण्यम स्वामी मोदी सरकार के इशारे पर मां-बेटे को फंसा रहे हैं। डाॅ. स्वामी अपनी मर्जी के मालिक खुद हैं।

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