Monday, 19 October 2015

दुर्गति नाशिनी दुर्गा जय जय





सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके ।
शरण्ये त्रयम्बक गौरी नारायणी नमोस्तुते ।

दुर्गति नाशिनी दुर्गा जय जय,
काल विनाशिनी काली जय जय ।
उमा रमा ब्रह्म्णी जय जय,
राधा सीता रुक्मिणि जय जय ॥
साम्ब सदाशिव, साम्ब सदाशिव, 
साम्ब सदाशिव, जय शंकर ।
हर हर शंकर दुखहर सुखकर, 
अध तम हर हर हर शंकर ॥
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे,
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ॥ 
जय जय दुर्गा, जय माँ तारा, 
जय गणेश्ल, जय शुभ आगारा ।
जयति शिवा शिव जनकी राम, 
गौरी शंकर सीता राम ॥
जय रघुनन्दन जय सियाराम, 
ब्रज गोपी प्रिय राधेश्याम ।
रघुपति राघव राजा राम, 
पतित पावन सीताराम ॥

1 comment:

  1. Whenever I read this it reduces my mental pain and depression and fill my heart and mind with bliss.

    ReplyDelete