Wednesday, 18 November 2015

आंतकवाद से कैसे लड़ा जाये

आंतकवाद से भारत बुरी तरह से ग्रसित है सन १९९० में आंतक शुरु हो चुका था और आज तक कोई कमी नहीं हुइ है । सवाल है कि आंतकवाद से कैसे लड़ा जाये ? इससे लड़ने के लिये पूरे देश, समाज, हर वर्ग, प्रत्येक राजनीतिक दलों मे एकता होना अति आवश्यक है । इसके साथ मजबूत इरादे वाली सरकार और आदर्श विपक्ष होना चाहिये । लेकिन ऐसा विपक्ष हो तो क्या करे ? ये पाकिस्तान की बात है । हाल ही में पाकिस्तान के किसी पत्रकार से मणि शंकर अय्यर जी ने बोला कि “इनको (मोदीजी) को हटाओ और हमे (कांग्रेस) लाओ” पाकिस्तानी पत्रकार बोला “हम कैसे हटा सकते है” ? “ये तो आप हटा सकते है” अय्यरजी बोले कि “फिर आपको वेट (इन्तजार) करना पड़ेगा” पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद जी भी मौजूद थे । इतिहास गवाह है अजादी के बाद ज्यादातर कांग्रेस पार्टी ही सत्ता में रही है आज देश में जो परिस्थितियाँ है जैसे आंतकवाद, विकास, मँहगाइ, किसानो की समस्या, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बहुतसारी समस्याऐ जिनके लिये मोदीजी की सरकार जिम्मेवार नही है उसमें कांग्रेस पार्टी ही पूरी तोर पर जिम्मेवार है । आज अय्यरजी अगर ऐसे ही भारत के खिलाफ पाकिस्तान में जाकर बयान वाजी करोगे तो कांग्रेस पार्टी को भारतवासी उखाड़ फेकेगे । बिहार में अगर २५ सीटे मिली है तो उनका सम्मान करना सीखो न कि पाकिस्तान में जा कर ऐसी बयानबाजी करो । विपक्ष कैसा भी उससे कोई फर्क नही पड़ता लेकिन इस देश की वर्तमान मोदी जी की सरकार इस आंतकवाद से अकेले लड़ने में पूर्ण रुप से सक्षम है ।

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