Tuesday, 17 November 2015

नागरिक, परिवार और देश व राज्य

नागरिको में जागरुकता का होना अति आवश्यक है । अपने देश का सामान्य ज्ञान होना जरुरी है । राजनीति के बारे में ज्ञान होना बहुत जरुरी है । आज देश में सयुक्त परिवार क्यों बिखर गये ? इसका सीधा जबाव है आपस में बाप-बेटे मे, भाई-भाई में या अन्य परिवारजनो में मत भेद का होना, आर्थिक अनियमिताये, जमीन व घर को लेकर विवाद । इन सब विवादो की वजह से बाप बेटा से अलग, भाई-भाई से अलग हो जाते है । ये सब अपने परिवारो के प्रति कितने जागरुक है कि अपने खून के रिश्ते को तोड़ने में बिलकुल हिचकते नहीं । देश में, राज्यो में चुनावो के समय ये जागरुक क्यों नहीं होते ? हम क्यो जाति के पीछे पड़े रहते है ? राज्यो को हम क्यो नहीं अपना घर मानते है ? एक शराब की बोतल में, क्यों अपने वोट को बेच देते है ? क्या राज्य हम सबका परिवार नहीं है ? परिवार में हम फैसले लेते समय रिश्ते-नाते खून को भूला देते है और सही फैसला करते है तो राज्य या देश में क्यो नही ? इस विषय पर बड़े गम्भीर सवाल उठते है । हमारे देश में ये सब कुछ आजादी के बाद से चल रहा है । और ये हम सब लोग झेल भी चुके है और आगे भी झेलेगे मुँह बंद करके ।

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