Monday, 2 November 2015

गुस्सा

गुस्सा हमारे शरीर में नेगेटिव ऊर्जा का उत्सर्जन करता है । गुस्सा मनुष्य को किसी भी बात या काम को लेकर हो सकती है जो उसके प्रतिकूल होता है । गुस्सा में कुछ मनुष्य अपने आपको नुकसान पहुँचाते है या घर की चीजो को तोड़ फोड़ कर घर को और यहाँ तक देश की सम्पति को तोड़-फोड़ या आगजनी करके नुकसान पहुँचाया जाता है । गुस्सा और उन्नित, विकास दोनो एक दूसरे के पूरक है क्योकि गुस्सा में नेगेटिव एनर्जी होती है और उन्नित या विकास में पोजिटिव ताकत की खपत है । गुस्सा से सभी को बचना चाहिये । गुस्सा आये तो ठंडा पानी पिये इधर उधर टहले और जिसके कारण गुस्सा आया उस विषय को बदली करे अपने दिमाक से और अपने किसी पसंदीदा बात के बारे में सोचे और थोड़ा हँसे इस तरह से गुस्सा को टाला जा सकता है । गुस्सा को टालना थोड़ा मुश्किल जरुर है लेकिन ना मुमकिन नहीं है । यहाँ एक मजबूत इच्छा शक्ति की जरुरत है । इस तरह नेगेटिव एनर्जी को पोसिटिव एनर्जी में बदली किया जा सकता है ।

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