Friday, 20 November 2015

किसान

किसानो को अगर अपनी आर्थिक दशा ठीक करनी है तो निम्न बातो पर ध्यान देना होगा । जिन किसानो के पास जमीन कम है उनके लिये ये सुझाव वरदान साबित होगे ।
(क) यूरिया जैसी रासायनिक खादो का प्रयोग अपने खेत में बन्द करना होगा और इसकी जगह गोबर, मूत्र से बनी खादो का प्रयोग करना होगा या डिकम्पोज खाद का प्रयोग करना होगा ।
(ख) रासायनिक कीटनाशक भी अपने खेतो में प्रयोग न करें । इनकी जगह जयपुर स्थित दुर्गापुर अनुसंधान केन्द्र ने देशी तकनीक से कीटनाशक बनाने की विधि विकसित की है इस देशी कीटनाशक के लिये छाछ व पानी में नीम के पत्ते, बबूल के पत्ते, धतूरे के पत्ते और आकड़ा या सहजना के पत्ते दोनो में से एक का उपयोग किया जाता है । इसमें कोई जहरीला पदार्थ नही है जो किसी की सेहत को खराब करे । किसान के मित्र कीड़ो को कोई नुकसान नही पहुँचता है । नेट पर सब मिल जायेगा फिर भी अगर किसी को कोई समस्या है तो सम्पर्क करे पूरी जानकारी भेज दूगाँ मोब- ०७५३१०३०५७१(07531030571) |
(ग) खेती के साथ पशुपालन जरुर करें । देशी गाय जरुर पाले, भैस, बकरी और कुत्ता ये सब भी पाले । इसके साथ ही खेती में पशु शक्ति का प्रयोग जरुर करें । ट्रेक्टर आदि मशीनो का प्रयोग बिलकुल न करे इससे प्रदूषण होगा, और आपकी लागत बढ़ेगी । बहुत ज्यादा जरुरत हो तभी मशीनो का प्रयोग करे ।

(घ) गोबर गैस प्लांट भी लगवाये जिससे आपके रसोई में साफ सुधरी गैसे से खाना पकाया जा सके और गोबर की खाद भी मिलेगी । ये सरकार किसानो के लिये मुफ्त में लगवाती है आप अपने जिला अधिकारी से मिले ।

(ङ) सब्जियो या फूलो की खेती करे जिससे आपको तुरन्त रकम मिल सके । 

किसानो से अनुरोध है कि अपना समय बरबाद न करे ताश के पत्ते इत्यादि न खेले सुबह सूर्य उदय से डेढ़ घंटे पहले उठे, योग करे फिर किसानी करे । शराब, बीड़ी, सिगारेट, तम्बाकू से बचे ये चीजे खराब है बिमार बनाती है पैसा खपाती है इनको करोगे तो परिणाम गलत होगा । अपने घर और गाँव के आस पास खूब पौधे लगाओ साफ हवा का आनन्द लो ।

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