Wednesday, 18 November 2015

गीता ज्ञान

सासारिक भोगो का अन्त नहीं है । अनन्त ब्रह्माण्ड है और उनमें अनन्त तरह के भोग है । परन्तु उनका त्याग कर दे, उनसे असंग हो जाये तो उनका अंत आ जाता है । ऐसे ही कामनाते भी अनन्त होती है परन्तु उनका त्याग कर दें, निष्काम हो जाये तो उनका अंत आ जाता है ।

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