Tuesday, 3 November 2015

सीमा पार आंतकवाद

किसी ने ठीक ही कहा है कि पड़ोसी देश बदले नहीं जा सकते । अच्छा पड़ोसी देश होने से दोनो देश विकास कर सकते है और दोनो देशो के नागरिक शान्ति से रह सकते है इसीलिये भारत ने अपनी सीमाओ पर कटीले तारो की बाढ़ लगादी इसके अलावा पूरी सेना भी लगा दी और रात के समय बाढ़ के साथ-साथ बड़ी लाइटे भी लगा दी । हमारी सरकार ने अरबो रुपये खर्च कर दिये । इसके बावजूद पाकिस्तान आंतक करने पर आमदा है । १९४८ से आज तक चार युद्द दोनो के बीच में हो चुके है सभी में हमारी सेना ने बुरी तरह से धोया है । आज पाकिस्तान देवालिया बन चुका है इसलिये अपनी फौज को तनुखा समय पर नहीं दे सकता है । इतने बेकाबू हालत होने पर भी पाकिस्तान की फौज और आई.एस.आई अपनी हरकतो से बाज नहीं आ रही । भारत ने कई रक्षात्मक उपाय इस आंतकवाद से बचने के लिये किये । इसका प्रभाव भी पड़ा लेकिन उतना नहीं । क्योकि जम्मू-कश्मीर में कुछ अलगाववादी गुट जो पाकिस्तान को खुलेआम समर्थन करते है उनको कुचलना होगा क्योकि सीमा पार से आंतकवाद को यहाँ पनाह दी जा रही है और आजादी के बाद ये राष्ट्र विरोधी ताकते ने सर नहीं उठाया क्योकि इनको संरक्षण प्राप्त था और अब भी जिस देश में एक आंतकवादी की फाँसी रुकवाने के लिये रात के दो बजे सुप्रीम कोर्ट खुलवाया जाता हो । आप और हम भयभीत हो जायेगे भारत में सभी को कितनी आजादी है फिर भी देश विरोधी ताकते देश के हालात ठीक नही बता रहे है । उदाहरण और भी है सच सबको कड़वा लगता है । सबसे पहले हमें अपने देश की सुरक्षा को मजबूत करना होगा । आशावादी बनो सब ठीक-ठाक हो जायेगा । पाकिस्तान से प्रायोजित आंतकवाद का फन कुचल दिया जयेगा किसी भी किमत पर । आजका भारत मजबूत हाथो में है किसी काम को अंजाम देने में सक्षम है । भारत माता की जय

No comments:

Post a Comment