किसी विदेशी एजेन्सी ने सर्वे कर बताया कि दिल्ली सबसे प्रदूषित शहर है ये तो सही है और ये भी सही है कि ये सबसे गन्दा भी है । दिवाली त्योहार की वजह से प्रदूषण और बड़ने के आसार है । सवाल है कि प्रदूषण रोका कैसे जाये ? ये हम सबकी जाबावदारी है कि दिवाली बिना पटाखे और फुलझड़ी चलाये मनायें । बड़े तो मान जायेगे लेकिन बच्चो का क्या ? बच्चे भगवान का रुप होते है उन्हें समझाओगे और सच्चाई बताओगे तो वे भी मान जायेगे । जो तुम पटाखे और फुलझड़ी चलाओगे इससे जहरीली गैसे निकलती है जो कार्बन डाई आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड जहरीली गैसे निकलती है जिनसे बच्चे और बूढ़े दादा व दादी बीमार पड़ जाते है पटाखे और फुलझड़ी की वजह से आक्सीजन (प्राण वायु) नहीं मिलपाती जो हमे हरे-भरे पेड़-पौधो से मिलती है । बच्चे अवश्य मान जायेगे उन्हें पटाखे और फुलझड़ी की जगह अच्छी मिठाई, चोकलेट, फ्रूट कई तरह के और नये कपड़े और फूलो से दिवाली मनाये बच्चो को सुरक्षित रखे जलने से बचाये । इस तरह अपने आस-पास का वातावरण स्वच्छ बनाओ । आप सभी को देश और विदेशो में बसे भारतीयो को प्रदूषण रहित दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाये ।
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