जल ही जीवन है । ये सही है कि जल के बिना जीवन असम्भव है । लेकिन आजादी के बाद, आज हमारे देश की आबादी दुगनी से ज्यादा हो चुकी है लेकिन जल स्रोत उतने ही है और गंगा जमुना जैसी बड़ी-बड़ी नदियां दूषित हो चुकी है । आज शहर व गाँव सब पानी की समस्या से जूझ रहे है । अब इस समस्या से कैसे निबटा जाये ? गाँवो मे छोटे-छोटे तालाबो का निर्माण किया जाना चाहिये । जिससे गाँव के पशुओ और लोगो की रोजमर्रा की जरुरतो को पूरा किया जा सके । इसके साथ-साथ गाँवो व शहरो के लिये जल संरक्षण किया जाना चाहिये । जो पीने के पानी की पूर्ति करेगे गाँवो शहरो के लिये पीने योग्य पानी के लिये कोई देशी प्रोजेक्ट विकसित किया जाना चाहिये जो रेन वाटर हरवेस्टिग के साथ बिना बिजली के चले जिसमें खर्च नाम मात्र का होना चाहिये । ऐसी तकनीकी का हमें विकास करना होगा । दूसरा पक्ष है कि जिसमें, हम पानी का सही इस्तेमाल कैसे करें ? लिखा देखा होगा कि जल बचाओ, जीवन बचाओ इसलिये हमें व्यर्थ में पानी बरबाद न करे । जल की बरबादी इस प्रकार से होती है । नल में पानी का टपकना, पानी का पाइप लीक करना, व्यर्थ में नलका चलता छोड़ देना, पानी की टंकी ओवर फ्लो होना । अब इस बरबादी को कैसे रोका जाये ? क्रमशः इनको तुरन्त ठीक करवाओ, जो भी देखे टोके और बन्द करे, पानी की टंकी में वाटर ओवर फ्लो अलार्म जरुर लगवाये इससे बिजली और पानी दोनो बरबाद होने से बचेगे । ज्यादा पानी बरबाद करने से घर में वास्तुदोष होता है इसके कारण दरिद्रता आती है और पानी टपकने से कर्ज चढ़ता है । देख लो दोस्तो गेद आपके पाले में है ।
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